
हाल ही में लगभग 500 भारतीय नागरिक म्यांमार से थाईलैंड पहुंचे हैं, जिन्हें अब भारत सरकार सुरक्षित रूप से स्वदेश लाने की तैयारी कर रही है। इन भारतीयों के म्यांमार में फंसे होने की खबरें बीते कई दिनों से सामने आ रही थीं। बताया जा रहा है कि अधिकांश लोग म्यांमार में फर्जी आईटी कंपनियों के झांसे में फंस गए थे, जहां उनसे अवैध कार्य करवाए जा रहे थे। भारत सरकार ने जैसे ही इस मामले की गंभीरता को समझा, विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास ने तत्परता से इनकी सुरक्षित वापसी की प्रक्रिया शुरू की।
जानकारी के मुताबिक, म्यांमार से निकलने के बाद ये सभी भारतीय थाईलैंड के सीमा क्षेत्र तक पहुंचे हैं। वहां भारतीय दूतावास के अधिकारी लगातार स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हैं और सभी आवश्यक दस्तावेजों और अनुमतियों की प्रक्रिया पूरी की जा रही है ताकि इन्हें जल्द से जल्द भारत वापस लाया जा सके। सरकार की प्राथमिकता इन नागरिकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुनिश्चित करना है।
भारत सरकार ने हाल के वर्षों में कई बार विदेशों में फंसे नागरिकों की वापसी के लिए मानवीय मिशन चलाए हैं — जैसे “ऑपरेशन गंगा” और “ऑपरेशन कावेरी”। अब एक बार फिर भारतीय विदेश मंत्रालय ने दिखाया है कि संकट की घड़ी में देश अपने नागरिकों के साथ मजबूती से खड़ा रहता है। बताया जा रहा है कि भारतीय दूतावास ने अस्थायी शिविरों की व्यवस्था की है जहां इन नागरिकों को भोजन, चिकित्सा और जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
थाईलैंड सरकार ने भी इस मानवीय प्रयास में सहयोग का आश्वासन दिया है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले कुछ दिनों में इन सभी भारतीयों को भारत लाने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इस पूरी घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि विदेशों में फंसे भारतीयों की सुरक्षा के लिए भारत सरकार हर स्तर पर तत्पर रहती है और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई करती है।



