
हरियाणा में सड़क सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने अब सभी ड्राइवरों की आंखों की नियमित जांच अनिवार्य करने के निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत अगर किसी वाहन चालक की दृष्टि कमजोर पाई जाती है या वह ट्रैफिक नियमों का बार-बार उल्लंघन करता है, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस को सख्त आदेश दिए हैं कि सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए यह अभियान पूरे राज्य में चलाया जाए।
सीएम भजनलाल ने अधिकारियों के साथ हुई बैठक में कहा कि सड़क हादसों का एक बड़ा कारण ड्राइवरों की कमजोर दृष्टि और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी है। उन्होंने निर्देश दिया कि अब सभी परिवहन विभाग के केंद्रों पर ड्राइवरों के लिए आंखों की जांच की व्यवस्था की जाए। नई ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने या पुराने लाइसेंस के नवीनीकरण से पहले आंखों की जांच अनिवार्य होगी। साथ ही, सार्वजनिक परिवहन वाहनों के ड्राइवरों का हर छह महीने में मेडिकल टेस्ट कराया जाएगा।
सरकार का यह कदम सड़क सुरक्षा के प्रति जनता में जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है। इसके तहत स्कूल बस चालकों, ट्रक और टैक्सी ड्राइवरों की भी विशेष जांच की जाएगी ताकि सड़क पर यात्रा करने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। नियमों के उल्लंघन पर केवल जुर्माना नहीं बल्कि लाइसेंस सस्पेंड और दोबारा टेस्ट देने की प्रक्रिया भी लागू होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में “जीरो एक्सीडेंट मिशन” के तहत हरियाणा को सड़क दुर्घटनाओं से मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए आधुनिक तकनीक जैसे इंटेलिजेंट ट्रैफिक सिस्टम और CCTV सर्विलांस का भी उपयोग किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सरकार की इस सख्त नीति से उम्मीद है कि राज्य में सड़क हादसों में कमी आएगी और ड्राइविंग संस्कृति अधिक जिम्मेदार और सुरक्षित बनेगी। जनता भी इस कदम की सराहना कर रही है क्योंकि यह न केवल ड्राइवरों की बल्कि यात्रियों की जान की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है।



