सीएम योगी ने वंदे मातरम की 150वीं जयंती पर कहा – ‘यह गीत भारत की आत्मा और एकता का प्रतीक है’

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर लखनऊ में आयोजित भव्य कार्यक्रम में हिस्सा लिया और इस अवसर पर राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत भाषण दिया। उन्होंने कहा कि “वंदे मातरम” केवल एक गीत नहीं, बल्कि यह भारत माता के प्रति हमारी अटूट श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक है। यह गीत हर भारतीय के भीतर ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना को जगाता है और देशभक्ति की ज्वाला को प्रज्वलित करता है।
सीएम योगी ने कहा कि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित यह गीत स्वतंत्रता संग्राम के दौरान लाखों देशभक्तों की प्रेरणा का स्रोत बना। “वंदे मातरम” के उद्गार ने भारत को एक सूत्र में बाँधने का कार्य किया और आज भी यह गीत हमारी राष्ट्रीय एकता, अखंडता और गौरव का प्रतीक बना हुआ है। उन्होंने कहा कि जब-जब देश संकट में होता है, तब यह गीत लोगों में जोश और आत्मबल भरता है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं को संदेश दिया कि वे वंदे मातरम के अर्थ और उसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को समझें। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी को यह याद रखना चाहिए कि “वंदे मातरम” ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ स्वाधीनता संग्राम की नींव को मजबूत किया था। योगी ने कहा कि “राष्ट्र के प्रति समर्पण ही सच्ची पूजा है, और वंदे मातरम उसका सर्वोच्च प्रतीक।”
इस मौके पर राज्य सरकार द्वारा “वंदे मातरम सप्ताह” मनाने की भी घोषणा की गई, जिसके तहत स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी संस्थानों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस गीत की 150वीं वर्षगांठ पर हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम भारत की एकता, अखंडता और गौरव की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहेंगे।
वंदे मातरम की यह वर्षगांठ न केवल भारत के इतिहास का गौरवशाली अध्याय है, बल्कि यह हर भारतीय को अपने देश के प्रति गर्व और समर्पण की भावना से भर देती है।



