
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में हाल के दिनों में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। यहां के युवा, खासतौर पर Gen Z पीढ़ी, अब शहबाज शरीफ सरकार और पाक सेना के खिलाफ खुलकर सड़क पर उतर आई है। महंगाई, बेरोजगारी और बुनियादी सुविधाओं की कमी से तंग आ चुके इन युवाओं ने पाकिस्तान सरकार के खिलाफ “आजादी और न्याय” की मांग के साथ बड़ा आंदोलन छेड़ दिया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुक्रवार को मीरपुर, रावलकोट और मुजफ्फराबाद जैसे इलाकों में हजारों की संख्या में युवा सड़कों पर उतर आए। उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पाकिस्तान सरकार PoK को सिर्फ “रेवेन्यू ज़ोन” की तरह इस्तेमाल कर रही है, लेकिन यहां के लोगों की शिक्षा, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए कुछ नहीं किया जा रहा।
इस प्रदर्शन की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि इसे Gen Z यानी नई पीढ़ी के युवाओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से संगठित किया। बिना किसी राजनीतिक दल के झंडे के, युवाओं ने अपने दम पर PoK के कई जिलों में सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला। कई जगहों पर पुलिस और सेना ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की, लेकिन बढ़ते जनसमर्थन के चलते प्रशासन को पीछे हटना पड़ा।
सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की चिंता इसलिए भी बढ़ी है क्योंकि यह आंदोलन केवल आर्थिक मुद्दों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब लोग पाकिस्तान से PoK की स्वायत्तता की मांग भी उठाने लगे हैं। विश्लेषकों के अनुसार, यह पाकिस्तान की राजनीति में एक नए युग का संकेत है, जहां देश की नई पीढ़ी अब सेना और सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह आंदोलन लंबे समय तक जारी रहा तो यह पाकिस्तान सरकार के लिए बड़ा सिरदर्द बन सकता है। इस विरोध से यह साफ हो गया है कि PoK के लोग अब केवल वादों से नहीं, बल्कि वास्तविक बदलाव और स्वतंत्रता की राह चाहते हैं।
इस तरह PoK में उठी यह Gen Z की आवाज अब पाकिस्तान की सत्ता और सेना दोनों के लिए गंभीर चेतावनी बन चुकी है।



