टीम इंडिया चयन पर सौरव गांगुली का गुस्सा, मोहम्मद शमी को टीम से बाहर रखने पर उठाए सवाल

टीम इंडिया के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को हाल ही में चयनकर्ताओं ने एकदिवसीय और टी-20 सीरीज के लिए टीम में शामिल नहीं किया, जिस पर अब पूर्व भारतीय कप्तान और बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष सौरव गांगुली ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। गांगुली ने कहा कि शमी जैसे अनुभवी और फिट खिलाड़ी को “बेवजह” टीम से बाहर रखना न सिर्फ अन्याय है बल्कि भारतीय क्रिकेट की रणनीति पर भी सवाल उठाता है।
सौरव गांगुली ने एक इंटरव्यू में कहा, “मोहम्मद शमी इस समय भारत के सबसे भरोसेमंद गेंदबाजों में से एक हैं। उन्होंने हर फॉर्मेट में शानदार प्रदर्शन किया है। अगर कोई खिलाड़ी लगातार अच्छा खेल रहा है तो उसे आराम देने के नाम पर बाहर रखना सही नहीं है। चयनकर्ताओं को ऐसे फैसलों पर गंभीरता से सोचना चाहिए।”
शमी ने हाल ही में टेस्ट और विश्व कप में टीम इंडिया के लिए शानदार गेंदबाजी की थी। खासतौर पर 2023 वनडे वर्ल्ड कप में उन्होंने अपनी घातक गेंदों से कई मैच जिताए थे। बावजूद इसके, चयन समिति ने उन्हें आगामी सीरीज में शामिल नहीं किया। क्रिकेट प्रेमियों के साथ-साथ कई पूर्व खिलाड़ी भी इस निर्णय पर नाराजगी जता चुके हैं।
गांगुली ने आगे कहा कि भारत को आगामी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स के लिए शमी जैसे अनुभवी गेंदबाजों की जरूरत है। उन्होंने चयन समिति से आग्रह किया कि खिलाड़ियों का चयन प्रदर्शन के आधार पर हो, न कि प्रयोगों के नाम पर। गांगुली के इस बयान के बाद से क्रिकेट जगत में बहस छिड़ गई है कि आखिर क्यों भारत जैसे बड़े क्रिकेटिंग देश में अनुभवी खिलाड़ियों को बार-बार नजरअंदाज किया जा रहा है।
फैंस का भी कहना है कि जब मोहम्मद शमी पूरी तरह फिट हैं और लय में हैं, तो उन्हें टीम से बाहर रखने का कोई तर्कसंगत कारण नहीं है। सोशल मीडिया पर भी #JusticeForShami ट्रेंड कर रहा है। अब देखना होगा कि चयनकर्ता गांगुली की इस नाराजगी को कितनी गंभीरता से लेते हैं और क्या आने वाले मैचों में शमी को फिर से मौका दिया जाएगा।



