
दिल्ली में हुए हालिया आतंकी हमले पर अब अमेरिका का बयान सामने आया है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत एक मजबूत और सक्षम देश है, जो किसी भी आतंकी हमले की जांच स्वयं करने में पूरी तरह सक्षम है। अमेरिका ने साफ कहा कि इस मामले में भारत को किसी बाहरी मदद की आवश्यकता नहीं है, और वह इस जांच को अपने तरीके से बेहतर ढंग से संभाल सकता है।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने मीडिया से बातचीत में कहा कि भारत की सुरक्षा एजेंसियां दुनिया की सबसे कुशल एजेंसियों में से एक हैं, जिन्होंने पहले भी कई बड़े आतंकवादी मामलों को सुलझाया है। उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका भारत के साथ आतंकवाद के खिलाफ अपनी साझेदारी को मजबूत बनाए रखेगा, लेकिन इस हमले की जांच में हस्तक्षेप नहीं करेगा जब तक भारत स्वयं सहायता नहीं मांगता।
दिल्ली ब्लास्ट ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। राजधानी के एक व्यस्त इलाके में हुए इस धमाके में कई लोग घायल हुए, जबकि जांच एजेंसियों ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और दिल्ली पुलिस मिलकर इस मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। प्रारंभिक जांच में यह मामला आतंकी साजिश से जुड़ा बताया जा रहा है।
अमेरिकी बयान को भारत की क्षमता पर एक अंतरराष्ट्रीय स्वीकृति के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान भारत की खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों के प्रति वैश्विक विश्वास को दर्शाता है। वहीं, भारत सरकार ने भी अमेरिका के इस रुख का स्वागत किया है और कहा कि देश किसी भी आतंकी साजिश का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है।
इस बीच, सुरक्षा एजेंसियां राजधानी में अलर्ट पर हैं और कई संवेदनशील इलाकों में जांच-पड़ताल जारी है। दिल्ली ब्लास्ट की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इसके अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की भी पड़ताल की जा रही है। अमेरिका का यह बयान इस बात को मजबूती देता है कि भारत अब न सिर्फ एक जिम्मेदार राष्ट्र है, बल्कि वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ एक मजबूत मोर्चे के रूप में उभर रहा है।



