
चीन में उत्पीड़न का शिकार बनी अरुणाचल प्रदेश की एक बहादुर महिला ने हाल ही में सोशल मीडिया पर ट्रोलर्स को करारा जवाब देते हुए कहा, “हम एक-दूसरे के लिए खड़े हैं, और यही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।” चीन में उनके साथ हुए व्यवहार को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने उनकी आलोचना एवं अपमानजनक टिप्पणियाँ की थीं, जिसके बाद उन्होंने शांत लेकिन दृढ़ स्वर में बताया कि भारतीय होना गर्व की बात है और वह किसी भी ट्रोलिंग से डरने या टूटने वाली नहीं हैं। उन्होंने बताया कि चीन में उन्हें नस्लीय और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा, लेकिन भारत लौटने के बाद उन्हें अपने लोगों का जो समर्थन मिला, उसने उनके आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ा दिया।
महिला ने अपने बयान में कहा कि वह चीन में पढ़ाई और काम के सिलसिले में गई थीं, लेकिन वहां उनके साथ कई बार अमानवीय व्यवहार किया गया। नस्लभेदी टिप्पणियां, व्यक्तिगत टिप्पणियां और लगातार मानसिक दबाव ने उन्हें बेहद प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर बैठकर जो चाहे लिख देते हैं, लेकिन ऐसे लोग यह नहीं समझते कि ऐसी घटनाओं से गुजरना कितना कठिन होता है। उनके मुताबिक, ट्रोलिंग झेलना उतना ही तकलीफदेह था जितना चीन में हुए उत्पीड़न को दोबारा जीना।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत में उन्हें अलग-अलग राज्यों से लोगों का अपार समर्थन मिला है, जिसने यह साबित कर दिया कि देश किसी भी कठिन परिस्थिति में अपने नागरिकों के साथ खड़ा होता है। उन्होंने सभी ट्रोलर्स को संदेश देते हुए कहा कि किसी व्यक्ति की पीड़ा को मज़ाक बनाना या उसे कमतर दिखाना बहुत गलत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज की दुनिया में संवेदनशीलता, समर्थन और सहानुभूति ही इंसानियत की असली पहचान है।
महिला ने मनोवैज्ञानिक रूप से मजबूत रहने, अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने और कठिन परिस्थितियों में मदद मांगने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वह इस घटना को अपनी कमजोरी नहीं, बल्कि ताकत बनाना चाहती हैं, ताकि देश की अन्य युवा लड़कियां भी समझ सकें कि अन्याय के खिलाफ खड़े होना जरूरी है। अंत में उन्होंने कहा कि “भारत मेरा घर है, और यहां मेरे लोग मेरे साथ हैं। ट्रोलर्स केवल शब्दों से हमला कर सकते हैं, लेकिन वे मेरे हौसले और पहचान को नहीं तोड़ सकते।”
उनका यह बयान न केवल ट्रोलर्स को जवाब था, बल्कि पूरे देश के लिए एक संदेश था— कि मुश्किलों में भी एक-दूसरे के लिए खड़ा रहना ही असली भारतीयता है।



