ANTF को मिलेगा अपना भवन और स्थायी फोर्स: CM योगी के नए निर्देश

उत्तर प्रदेश में नशा और उससे जुड़े अपराधों पर कड़ी कार्रवाई के लिए बनाई गई एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) को अब और अधिक शक्तिशाली और प्रभावी बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ANTF को एक आधुनिक और सुसज्जित स्वतंत्र भवन उपलब्ध कराया जाए, जिससे टीम बेहतर तरीके से काम कर सके। इसके साथ ही टास्क फोर्स के लिए स्थायी फोर्स की तैनाती भी सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया है, जिससे तस्करी पर रोकथाम और नशा-नियंत्रण की कार्रवाई और तेज़ हो सके।
मुख्यमंत्री का मानना है कि नशे का अवैध कारोबार समाज और युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है। इसलिए ANTF को संसाधनों, तकनीक और मानव बल—तीनों के स्तर पर मजबूत करना बेहद आवश्यक है। वर्तमान में कई मामलों में टास्क फोर्स को विभिन्न विभागों पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे कार्रवाई की गति पर असर पड़ता है। स्थायी फोर्स मिलने से टीम न सिर्फ योजनाबद्ध ढंग से अभियान चला पाएगी बल्कि अचानक की जाने वाली रेड और बड़ी कार्रवाई में भी अधिक प्रभावी सिद्ध होगी।
इसके अलावा, ANTF को अत्याधुनिक उपकरण, डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम, इंटर-एजेंसी कोऑर्डिनेशन और तेज़ सूचना तंत्र से जोड़ने पर भी बल दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार, नए भवन में कंट्रोल रूम, मॉनिटरिंग सेल, डॉग स्क्वॉड, ट्रेनिंग यूनिट और अत्याधुनिक लैब जैसी सुविधाएँ भी शामिल की जाएँगी। इससे तस्करी के नए नेटवर्क, ड्रग मॉड्यूल और अंतरराज्यीय गिरोहों को चिन्हित करना आसान होगा।
सरकार का यह कदम साफ दर्शाता है कि प्रदेश में नशा तस्करी रोकने को लेकर ज़ीरो टॉलरेंस पॉलिसी अपनाई गई है। ANTF को मजबूत बनाने का उद्देश्य केवल अपराध नियंत्रण नहीं बल्कि सुरक्षित और स्वस्थ समाज का निर्माण है। युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने में ANTF की भूमिका बेहद अहम है। इसलिए यह निर्णय न केवल कानून व्यवस्था बल्कि सामाजिक सरोकारों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



