उत्तर प्रदेश अनुपूरक बजट 2025: बुनियादी ढांचे, शिक्षा और कल्याण पर बड़ा फोकस

उत्तर प्रदेश सरकार ने विधानसभा में 24,496 करोड़ 98 लाख रुपये का अनुपूरक बजट पेश कर राज्य के समग्र विकास को नई दिशा देने का संकेत दिया है। इस बजट का उद्देश्य चालू वित्तीय वर्ष में पहले से घोषित योजनाओं को मजबूती देना, नई प्राथमिकताओं को शामिल करना और विकास की गति को तेज करना है। सरकार ने इस अनुपूरक बजट में बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून-व्यवस्था, शहरी विकास, ग्रामीण कल्याण और रोजगार सृजन जैसे अहम क्षेत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। सड़कों, पुलों और परिवहन नेटवर्क के विस्तार से औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे निवेश आकर्षित होने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बनने की उम्मीद है। शिक्षा क्षेत्र में स्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों के आधुनिकीकरण, डिजिटल सुविधाओं के विस्तार और छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए प्रावधान किए गए हैं, ताकि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सभी तक पहुंच सके। स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए अस्पतालों के उन्नयन, नई चिकित्सा इकाइयों की स्थापना और दवाओं व उपकरणों की उपलब्धता पर जोर दिया गया है। इसके साथ ही, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, किसानों के हित और ग्रामीण विकास योजनाओं को भी अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। शहरी क्षेत्रों में पेयजल, स्वच्छता और आवास से जुड़ी परियोजनाओं को गति देने की योजना है, जिससे जीवन स्तर में सुधार हो। सरकार का कहना है कि यह अनुपूरक बजट वित्तीय अनुशासन के साथ विकास और कल्याण के संतुलन को साधने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विपक्ष ने जहां बजट के क्रियान्वयन और पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं, वहीं सरकार का दावा है कि यह बजट राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, निवेशकों का भरोसा बढ़ाने और आम जनता को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाने में सहायक सिद्ध होगा। कुल मिलाकर, 24,496.98 करोड़ रुपये का यह अनुपूरक बजट उत्तर प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।



