Sikh Festival Calendar 2026: लोहड़ी, बैसाखी और गुरुनानक देव जी जयंती की तिथियाँ

सिख धर्म में त्योहारों का बहुत ही विशेष महत्व है। हर वर्ष इन पर्वों का आयोजन श्रद्धा और भक्ति के साथ किया जाता है। वर्ष 2026 में भी सिख समुदाय के प्रमुख त्योहारों की तिथियाँ पहले से ही घोषित हो चुकी हैं। इस साल की शुरुआत लोहड़ी से होती है, जो कि 13 जनवरी 2026 को मनाई जाएगी। लोहड़ी का त्योहार मुख्य रूप से पंजाब और हरियाणा में मनाया जाता है, जिसमें लोग आग के चारों ओर इकट्ठा होकर ढोल की थाप पर नृत्य करते हैं और तिल, गुड़, मूंगफली जैसी पकवानों का भोग लगाते हैं।
इसके बाद आता है माघी, जो 14 जनवरी 2026 को मनाया जाएगा। यह त्यौहार सिखों के 40 साहिबजादों और पंज प्यारों के बलिदान और साहस को याद करने का अवसर है। जनवरी के अंत में, 13-14 फरवरी को बसंत पंचमी का पर्व मनाया जाएगा, जिसे खेती और शिक्षा का प्रतीक माना जाता है।
वर्ष का एक महत्वपूर्ण पर्व है बैसाखी, जो 14 अप्रैल 2026 को पड़ता है। बैसाखी को न केवल फसल कटाई के त्योहार के रूप में मनाया जाता है, बल्कि यह खालसा पंथ की स्थापना की याद में भी विशेष महत्व रखता है। लोग गुरुद्वारों में जाकर कीर्तन करते हैं और लंगर का आयोजन करते हैं।
इसके अलावा, गुरुपर्व यानी गुरुनानक देव जी की जयंती 15 नवंबर 2026 को मनाई जाएगी। यह दिन सिख धर्म के संस्थापक, गुरु नानक देव जी के जीवन और शिक्षाओं को याद करने का अवसर होता है। इस दिन विश्वभर के गुरुद्वारों में कीर्तन और प्रसाद वितरण का आयोजन होता है।
इनके अलावा भी सिख धर्म में होली, प्रकाश पर्व, अणंद पर्व और अन्य महत्वपूर्ण त्यौहार मनाए जाते हैं, जो सिख संस्कृति, भक्ति और सामाजिक एकता को बढ़ावा देते हैं। 2026 में ये सभी त्योहार निश्चित तिथियों पर पड़ रहे हैं, इसलिए सभी श्रद्धालु अपनी योजनाओं के अनुसार इन पर्वों का आनंद ले सकते हैं।
सिख त्योहार केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण हैं। ये त्योहार समाज में भाईचारा, मिलनसारिता और सहयोग की भावना को बढ़ाते हैं। इस प्रकार, 2026 का सिख पर्व कैलेंडर हर सिख परिवार के लिए महत्वपूर्ण और विशेष रहेगा।



