
डेनमार्क ने इतिहास में एक बड़ा बदलाव करते हुए 401 साल पुरानी डाक सेवा यानी चिट्ठी भेजने और प्राप्त करने की पारंपरिक सेवा को पूरी तरह से बंद कर दिया है। यह फैसला डिजिटल क्रांति और पत्रों की उपयोगिता में भारी गिरावट के कारण लिया गया है, जिससे डेनमार्क दुनिया का पहला ऐसा देश बन गया है जहां सार्वजनिक चिट्ठी डिलीवरी सेवा अब नहीं दी जाएगी।
डाक सेवा ‘पोस्टनॉर्ड’ ने 30 दिसंबर 2025 को आखिरी चिट्ठी डिलीवर की, जिसके साथ ही चार सदियों से जारी यह सेवा समाप्त हो गई। 1624 में शुरू हुई यह सेवा लंबे समय तक देश की संचार व्यवस्था की रीढ़ रही, लेकिन पिछले कुछ दशकों में मोबाइल फोन, ई-मेल, व्हाट्सएप और सोशल मीडिया जैसे डिजिटल संचार माध्यमों के बिकट प्रसार से चिट्ठियों की मांग में भारी गिरावट आई है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले 25 वर्षों में चिट्ठियों की संख्या में लगभग 90% की कमी दर्ज हुई है, जिससे पारंपरिक डाक सेवा अब आर्थिक रूप से टिकाऊ नहीं रह गई है।



