
कनाडा से दिल्ली आने वाली एयर इंडिया (AI) की एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान उस समय सुर्खियों में आ गई, जब उड़ान से ठीक पहले पायलट के शराब के नशे में होने का मामला सामने आया। रिपोर्ट के अनुसार, संबंधित पायलट ने निर्धारित उड़ान से पहले शराब पी थी, जिसकी पुष्टि मेडिकल जांच में हुई। जैसे ही यह जानकारी सामने आई, कनाडा की स्थानीय पुलिस और विमानन अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पायलट को हिरासत में ले लिया। इस घटना के बाद सुरक्षा कारणों से फ्लाइट को रद्द कर दिया गया, जिससे सैकड़ों यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
विमानन नियमों के तहत किसी भी पायलट के लिए ड्यूटी से पहले या ड्यूटी के दौरान शराब या नशीले पदार्थों का सेवन सख्त रूप से प्रतिबंधित है। अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) और संबंधित देशों के एविएशन कानूनों में इसे गंभीर अपराध माना जाता है। बताया जा रहा है कि उड़ान से पहले नियमित ब्रेथ एनालाइज़र टेस्ट के दौरान पायलट के शरीर में अल्कोहल की मात्रा तय सीमा से अधिक पाई गई, जिसके बाद अलर्ट जारी किया गया और पुलिस को सूचना दी गई।
घटना के सामने आने के बाद एयर इंडिया प्रबंधन ने भी कड़ा रुख अपनाया है। एयरलाइन की ओर से कहा गया है कि यात्रियों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस तरह की लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रारंभिक जांच पूरी होने तक संबंधित पायलट को तत्काल प्रभाव से ड्यूटी से हटा दिया गया है। साथ ही, आंतरिक जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि नियमों की अनदेखी कैसे हुई।
इस घटना का असर यात्रियों पर भी पड़ा। दिल्ली जाने वाली फ्लाइट रद्द होने के कारण यात्रियों को होटल में ठहराया गया या वैकल्पिक उड़ानों में शिफ्ट किया गया। कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जाहिर करते हुए सवाल उठाए कि जब सुरक्षा जांच इतनी सख्त होती है, तो फिर ऐसी गंभीर चूक कैसे हो सकती है। विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला पूरे एविएशन सेक्टर के लिए चेतावनी है और एयरलाइंस को क्रू मॉनिटरिंग और भी मजबूत करनी चाहिए।
कुल मिलाकर, कनाडा में सामने आया यह मामला न सिर्फ एक व्यक्ति की लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि यह भी याद दिलाता है कि विमानन क्षेत्र में सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। यात्रियों का भरोसा बनाए रखने के लिए नियमों का कड़ाई से पालन और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई बेहद जरूरी है।



