Mohan Bhagwat WSJ Ad: हिंदू अमेरिकी नेताओं ने की तारीफ, कहा- गर्व का पल

अमेरिका में मोहन भागवत के संदेश को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अमेरिकी अखबार The Wall Street Journal में RSS प्रमुख के संदेश वाला फुल-पेज विज्ञापन प्रकाशित होने के बाद कई हिंदू अमेरिकी नेताओं ने इसका स्वागत किया है। नेताओं के मुताबिक विज्ञापन में दिया गया एकता और विविधता का संदेश हिंदू दर्शन की व्यापक भावना को दर्शाता है और इससे अमेरिकी हिंदू समुदाय को अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व महसूस हुआ।
विज्ञापन में क्या कहा गया?
विज्ञापन में मोहन भागवत के हवाले से एकता और विविधता को साथ लेकर चलने की बात कही गई। इसमें भारत की सभ्यतागत सोच को ‘वसुधैव कुटुंबकम’ यानी पूरी दुनिया को एक परिवार मानने की भावना से जोड़ा गया।
विज्ञापन का मुख्य संदेश यह था कि विविधता को स्वीकार करते हुए समाज में एकता कायम रखी जानी चाहिए। इसी पहलू ने अमेरिका में रहने वाले कई हिंदू नेताओं का ध्यान आकर्षित किया।
हिंदू अमेरिकी नेताओं ने क्यों किया स्वागत?
हिंदू अमेरिकी समुदाय के नेताओं ने कहा कि इतने बड़े और प्रभावशाली अमेरिकी अखबार में हिंदू दर्शन और भारत की सभ्यतागत सोच से जुड़े संदेश का प्रकाशित होना महत्वपूर्ण है।
रिपोर्ट के अनुसार, समुदाय के नेताओं ने विज्ञापन को हिंदू विरासत के लिए गर्व का विषय बताया। AHEAD Forum के निदेशक सुदेश अग्रवाल ने भी संदेश को अन्य समुदायों के साथ मिलकर व्यापक सामाजिक हित में काम करने की भावना से जोड़ा।
‘वसुधैव कुटुंबकम’ पर जोर
मोहन भागवत के हालिया अमेरिकी कार्यक्रमों में भी मानवता, सामाजिक एकता और विविधता प्रमुख विषय रहे हैं। न्यूयॉर्क में अपने संबोधन के दौरान उन्होंने भारतीय सभ्यता की एकता में विविधता वाली सोच और दुनिया को एक परिवार मानने की अवधारणा पर जोर दिया था।
भागवत का अमेरिका दौरा RSS के शताब्दी वर्ष के अवसर पर चल रहे अंतरराष्ट्रीय संपर्क अभियान का हिस्सा है। इस दौरे में भारतीय-अमेरिकी समुदाय और विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक समूहों से संवाद को महत्व दिया गया है।
अमेरिका में भागवत को लेकर मिला-जुला रुख
हालांकि विज्ञापन को कई हिंदू अमेरिकी नेताओं का समर्थन मिला, लेकिन अमेरिका में मोहन भागवत और RSS को लेकर प्रतिक्रिया पूरी तरह एक जैसी नहीं रही है।
भागवत के न्यूयॉर्क कार्यक्रम को कुछ अमेरिकी राजनेताओं और संगठनों की आलोचना का भी सामना करना पड़ा। आलोचकों ने RSS की विचारधारा और भारत में उसके सामाजिक-राजनीतिक प्रभाव को लेकर सवाल उठाए। वहीं कार्यक्रम के समर्थकों ने इसे भारतीय प्रवासी समुदाय के साथ संवाद और सांस्कृतिक जुड़ाव का अवसर बताया।
इस तरह भागवत का अमेरिका दौरा और WSJ विज्ञापन दोनों ही समर्थन और आलोचना के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं।
RSS के वैश्विक संपर्क अभियान का हिस्सा
RSS प्रमुख का अमेरिका दौरा संगठन के 100वें वर्ष से जुड़े अंतरराष्ट्रीय संपर्क अभियान के व्यापक संदर्भ में देखा जा रहा है। भागवत ने अमेरिका के बाद कनाडा और ब्रिटेन का भी दौरा किया है, जहां भारतीय प्रवासियों तथा विभिन्न संगठनों के साथ संवाद किया गया।
इस अभियान का एक प्रमुख उद्देश्य भारतीय संस्कृति, हिंदू दर्शन और RSS के सामाजिक दृष्टिकोण को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करना है।
भारतीय प्रवासियों के बीच एकता का संदेश
भागवत ने विदेशों में रहने वाले भारतीयों से केवल आर्थिक सफलता तक सीमित न रहने और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने की बात भी कही है। न्यूयॉर्क में उन्होंने भारतीय-अमेरिकी समुदाय से अमेरिकी नागरिक के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभाने के साथ-साथ भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़े रहने का आह्वान किया था।
यह संदेश अमेरिकी हिंदू समुदाय के उस वर्ग से जुड़ता है जो अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को अमेरिकी समाज में सक्रिय भागीदारी के साथ आगे बढ़ाना चाहता है।
विज्ञापन का राजनीतिक और सामाजिक महत्व
The Wall Street Journal जैसे प्रमुख अमेरिकी अखबार में किसी भारतीय संगठन के प्रमुख का फुल-पेज संदेश प्रकाशित होना अपने आप में अंतरराष्ट्रीय संचार की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इससे RSS को अमेरिकी सार्वजनिक क्षेत्र में अपनी विचारधारा और संदेश प्रस्तुत करने का अवसर मिला है।
वहीं, आलोचकों और समर्थकों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं यह भी दिखाती हैं कि RSS और हिंदुत्व से जुड़े मुद्दे अमेरिकी भारतीय समुदाय और व्यापक अमेरिकी सार्वजनिक विमर्श में संवेदनशील बने हुए हैं।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, मोहन भागवत इन दिनों अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन के दौरे पर हैं। इसी दौरान अमेरिकी मीडिया में उनका संदेश पहुंचाने वाला विज्ञापन प्रकाशित हुआ। विज्ञापन में भारत की विविधता, एकता और वसुधैव कुटुंबकम की अवधारणा को प्रमुखता दी गई।
हिंदू अमेरिकी नेताओं ने इसे सकारात्मक पहल बताते हुए कहा कि इससे हिंदू समुदाय की सांस्कृतिक पहचान और उसके व्यापक मानवीय मूल्यों को सामने रखने में मदद मिलती है।
कुल मिलाकर, The Wall Street Journal में मोहन भागवत के विज्ञापन ने अमेरिका में भारतीय और हिंदू समुदाय के बीच खासा ध्यान खींचा है। जहां कई हिंदू अमेरिकी नेताओं ने इसे अपनी विरासत और एकता के संदेश के लिए गर्व का विषय बताया, वहीं भागवत और RSS को लेकर अमेरिका में कुछ समूहों की आलोचना भी जारी है। ऐसे में यह विज्ञापन RSS के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय संपर्क अभियान और उसके वैश्विक स्तर पर अपने संदेश को प्रस्तुत करने की कोशिश का अहम हिस्सा माना जा रहा है।



