उत्तर प्रदेश में संपत्ति ट्रांसफर आसान, योगी सरकार ने घटाया स्टांप शुल्क

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत देते हुए संपत्ति से जुड़ा एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब राज्य में व्यावसायिक संपत्ति को परिवार के सदस्यों के नाम कराने के लिए केवल पांच हजार रुपये के स्टांप पेपर की जरूरत होगी। इस फैसले से न सिर्फ लोगों पर आर्थिक बोझ कम होगा, बल्कि संपत्ति हस्तांतरण की प्रक्रिया भी कहीं अधिक सरल और पारदर्शी बन जाएगी।
अब तक व्यावसायिक संपत्ति को परिवार के किसी सदस्य के नाम करने पर बाजार मूल्य के अनुसार भारी स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क देना पड़ता था। कई मामलों में यह रकम लाखों रुपये तक पहुंच जाती थी, जिसके कारण लोग संपत्ति ट्रांसफर से बचते थे या अनौपचारिक तरीके अपनाने को मजबूर हो जाते थे। योगी सरकार के इस नए निर्णय से ऐसे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और रजिस्ट्री से जुड़ी परेशानियां कम होंगी।
सरकार के इस फैसले का सीधा लाभ माता-पिता, पति-पत्नी, पुत्र-पुत्री, भाई-बहन जैसे करीबी पारिवारिक संबंधों को मिलेगा। यदि कोई व्यक्ति अपनी व्यावसायिक संपत्ति परिवार के किसी सदस्य के नाम करना चाहता है, तो अब उसे केवल ₹5000 का स्टांप शुल्क देना होगा। इससे न केवल समय और पैसा बचेगा, बल्कि कानूनी विवादों की संभावना भी कम होगी।
इस निर्णय को राज्य में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जब संपत्ति का हस्तांतरण आसान होगा, तो लोग बेझिझक अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकेंगे और निवेश को लेकर भी भरोसा बढ़ेगा। इससे छोटे व्यापारियों और उद्यमियों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है।
योगी सरकार पहले भी जमीन और संपत्ति से जुड़े कई सुधार लागू कर चुकी है, जिनका उद्देश्य भ्रष्टाचार पर लगाम लगाना और प्रक्रियाओं को डिजिटल व सरल बनाना रहा है। यह नया फैसला उसी कड़ी का हिस्सा है, जो प्रदेश में निवेश के अनुकूल माहौल तैयार करने में मदद करेगा।
कुल मिलाकर, ₹5000 के स्टांप पर व्यावसायिक संपत्ति को परिवार के नाम करने की सुविधा आम लोगों के लिए राहत भरी खबर है। इससे न सिर्फ आर्थिक बचत होगी, बल्कि उत्तर प्रदेश में संपत्ति से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और विश्वास भी बढ़ेगा।



