Holi 2026: वसंत पंचमी पर बांकेबिहारी मंदिर में भक्तों संग होली, विशेष दर्शन की तैयारी

Holi 2026 का शुभारंभ इस बार वसंत पंचमी के पावन अवसर से होने जा रहा है। वृंदावन के प्रसिद्ध श्री बांकेबिहारी मंदिर में इस दिन से होली उत्सव की पारंपरिक शुरुआत होगी। मान्यता है कि वसंत पंचमी के दिन ठाकुर बांकेबिहारी स्वयं भक्तों के साथ होली खेलते हैं और इसी दिन गुलाल उत्सव का शुभारंभ होता है। देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु इस अलौकिक दर्शन के लिए वृंदावन पहुंचते हैं।
वसंत पंचमी के दिन ठाकुर बांकेबिहारी को विशेष श्रृंगार धारण कराया जाएगा। इस दिन भगवान के मस्तक पर रंग-बिरंगा फेंटा (पगड़ी) सजाई जाती है और उनके श्रीमुख पर गुलाल लगाया जाता है। भक्तों को दर्शन के दौरान गुलाल का तिलक देकर आशीर्वाद प्रदान किया जाता है। मंदिर परिसर में “राधे-राधे” और “होलि है” के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है।
बांकेबिहारी मंदिर की होली देशभर में अपनी अलग पहचान रखती है। यहां होली किसी रंगों की उन्मुक्तता का नहीं, बल्कि भक्ति, प्रेम और परंपरा का प्रतीक मानी जाती है। मंदिर में अबीर-गुलाल उड़ाया जाता है, लेकिन मर्यादा और नियमों का विशेष ध्यान रखा जाता है। सेवायतों द्वारा श्रद्धालुओं पर गुलाल उड़ाकर ठाकुरजी के साथ होली खेलने का सौभाग्य दिया जाता है।
Holi 2026 के दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर भी विशेष इंतजाम किए जाएंगे। मंदिर प्रशासन भीड़ नियंत्रण, दर्शन व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अतिरिक्त सेवक और सुरक्षाकर्मी तैनात करेगा। वसंत पंचमी से शुरू होकर रंगभरनी एकादशी, फाल्गुन उत्सव और अंत में धुलेंडी तक वृंदावन होली के रंग में डूबा रहेगा।
श्रद्धालुओं का मानना है कि वसंत पंचमी पर बांकेबिहारी के दर्शन करने से जीवन में सुख, समृद्धि और प्रेम की प्राप्ति होती है। यही कारण है कि हर वर्ष की तरह Holi 2026 में भी वृंदावन में आस्था का सैलाब उमड़ने की पूरी संभावना है। यह पर्व न केवल रंगों का, बल्कि राधा-कृष्ण के दिव्य प्रेम का उत्सव भी है।



