उत्तर प्रदेश विकास मिशन: मुख्य सचिव ने दिए सख्त निर्देश, वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था पर फोकस

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव ने प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी विभागों को कार्यों में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने का लक्ष्य केवल एक संकल्प नहीं, बल्कि समयबद्ध कार्ययोजना और प्रभावी क्रियान्वयन से ही हासिल किया जा सकता है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बुनियादी ढांचे, उद्योग, निवेश, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार सृजन से जुड़े सभी प्रोजेक्ट्स की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और अनावश्यक देरी को तुरंत समाप्त किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है। समीक्षा बैठक में सड़क, बिजली, जलापूर्ति, आवास, औद्योगिक गलियारों और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की प्रगति पर विशेष चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने निवेश को बढ़ावा देने के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को और बेहतर बनाने, सिंगल विंडो सिस्टम को प्रभावी ढंग से लागू करने और निवेशकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास के साथ-साथ कृषि और एमएसएमई सेक्टर को भी मजबूत करना होगा, ताकि रोजगार के नए अवसर सृजित हों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिले। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए और तय मानकों के अनुसार ही कार्य पूरे हों। डिजिटल तकनीक, नवाचार और डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया को अपनाने पर भी बल दिया गया, जिससे योजनाओं का बेहतर मूल्यांकन हो सके। उन्होंने कहा कि वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी का लक्ष्य तभी संभव है, जब सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें और जनहित को सर्वोपरि रखें। अंत में मुख्य सचिव ने यह स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता तेज, समावेशी और सतत विकास है, जिससे उत्तर प्रदेश देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत पहचान बना सके और आम जनता के जीवन स्तर में वास्तविक सुधार हो।



