होली 2026: भद्रा और चंद्र ग्रहण के साथ सूतक काल

होली 2026 पर एक दुर्लभ खगोलीय संयोग बन रहा है। इस बार भद्रा और चंद्र ग्रहण एक ही दिन पड़ रहे हैं। ग्रहण के दौरान और उसके 12 घंटे पहले से सूतक काल शुरू हो जाएगा, जिसे धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।
सूतक काल और होली पर असर:
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सूतक काल के दौरान धार्मिक कार्य और उत्सवों से बचने की सलाह दी जाती है।
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इस समय ग्रहण की नकारात्मक ऊर्जा से बचाव के लिए सावधानी बरतना जरूरी है।
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ज्योतिषियों का कहना है कि ग्रहण और भद्रा के दौरान होली खेलने में विशेष ध्यान रखें।
ज्योतिषियों की सलाह:
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होली पर सिर्फ सूखे रंग ही इस्तेमाल करें।
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ग्रहण के समय घर में पूजा या धार्मिक क्रियाएं न करें।
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बच्चों और बुजुर्गों को ग्रहण के दौरान बाहर जाने से बचाएं।
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पारंपरिक और प्राकृतिक रंगों का उपयोग स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए बेहतर रहेगा।
इस तरह, इस साल की होली केवल सुरक्षित और धार्मिक रूप से सही तरीके से मनाई जा सकती है। सूखे रंगों के साथ सावधानी अपनाकर आप खुशियों और स्वास्थ्य दोनों का ध्यान रख सकते हैं।



