India-EU FTA: कौन सी कारों को मिलेगा फायदा?

भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर समझौता होने से कुछ आयातित कारों की कीमतों में कमी की उम्मीद बढ़ गई है। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि मर्सिडीज और BMW जैसी लक्जरी कारों की कीमतें इस सौदे से प्रभावित नहीं होंगी।
क्यों नहीं घटेंगी मर्सिडीज और BMW की कीमतें:
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इन ब्रांड्स पर लगभग 100% इंपोर्ट ड्यूटी और टैक्स लागू हैं, जो FTA के तहत तुरंत कम नहीं होंगे।
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लक्जरी कारों के उत्पादन और मार्केटिंग पर अन्य शुल्क और शुल्क संरचना अभी भी लागू रहती है।
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इन ब्रांड्स की ब्रांड वैल्यू और प्रीमियम मार्केटिंग स्ट्रैटेजी कीमतें कम होने नहीं देती।
भारत-ईयू FTA से किन कारों को मिलेगा फायदा:
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यूरोप में निर्मित मिड-रेंज और छोटी कारें जैसे VOLKSWAGEN, SKODA, RENAULT आदि की कीमतों में कमी संभावित है।
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FTA से इंपोर्ट ड्यूटी घटने के कारण ये कारें भारतीय खरीदारों के लिए अधिक किफायती हो जाएंगी।
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इलेक्ट्रिक कारों और हाइब्रिड मॉडलों पर भी शुल्क में कमी का असर दिख सकता है।
विशेष बातें:
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FTA का उद्देश्य दोनों देशों के व्यापार को बढ़ावा देना है, इसलिए लक्जरी कारों की कीमत पर प्रभाव सीमित रहेगा।
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मध्यम और छोटी श्रेणी की आयातित कारों के लिए ग्राहकों के लिए आकर्षक मूल्य पेश किया जा सकता है।
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यह सौदा भारत में इलेक्ट्रिक और पर्यावरण-अनुकूल वाहनों को बढ़ावा देने में भी मदद करेगा।
इसलिए भारत-ईयू FTA से मिड-रेंज कारों और इलेक्ट्रिक वाहनों के खरीदारों को लाभ मिलेगा, लेकिन मर्सिडीज और BMW जैसी लक्जरी कारों के लिए कीमतों में कोई बड़ी कमी नहीं होगी।



