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UP SIR: मतदाताओं को बड़ी राहत

उत्तर प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के तहत उन मतदाताओं को बड़ी राहत दी गई है, जिनके नाम मतदाता सूची में तार्किक विसंगति के रूप में चिन्हित किए गए हैं। अब ऐसे मतदाताओं को अनिवार्य रूप से सुनवाई में उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं होगी।
प्रशासन के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, यदि विसंगति तकनीकी या डेटा-आधारित है और मतदाता की पहचान पर कोई संदेह नहीं है, तो मामले का निस्तारण दस्तावेजों के आधार पर ही किया जाएगा। इससे आम लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
चुनाव आयोग का कहना है कि इस फैसले से मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाया जा सकेगा, साथ ही नागरिकों को अनावश्यक प्रशासनिक परेशानियों से राहत मिलेगी। यह कदम आगामी चुनावों से पहले लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और मजबूत करेगा।



