UP Budget 2026: योगी सरकार का 10वां बजट पेश, 9.12 लाख करोड़ से अधिक का आकार

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपना दसवां बजट पेश कर दिया है, जिसका कुल आकार 9.12 लाख करोड़ रुपये से अधिक बताया जा रहा है। यह बजट राज्य के बुनियादी ढांचे, रोजगार सृजन, किसानों के हित, महिलाओं के सशक्तिकरण और युवाओं के लिए अवसर बढ़ाने पर केंद्रित माना जा रहा है। सरकार का दावा है कि पिछले वर्षों में जिस तरह निवेश, एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट, मेट्रो, डिफेंस कॉरिडोर और औद्योगिक विकास को गति मिली है, उसी रफ्तार को आगे बढ़ाने के लिए इस बजट में बड़े प्रावधान किए गए हैं। वित्तीय दस्तावेजों में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, मेडिकल कॉलेजों के विस्तार, डिजिटल सुविधाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने और शहरी विकास योजनाओं को नया आयाम देने की बात कही गई है। साथ ही किसानों के लिए सिंचाई, फसल सुरक्षा और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए भी महत्वपूर्ण धनराशि प्रस्तावित की गई है। सरकार का जोर इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश बढ़ाकर प्रदेश को देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में कदम तेज करने पर है। बजट में स्टार्टअप, एमएसएमई और स्थानीय उद्यमियों के लिए नई योजनाओं और प्रोत्साहनों की झलक भी देखने को मिलती है, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई जा रही है। सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं, गरीबों के आवास, पेयजल, बिजली और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार को भी प्राथमिकता में रखा गया है। विपक्ष जहां बजट के आंकड़ों और क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठा सकता है, वहीं सरकार इसे विकास, सुशासन और आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम बता रही है। कुल मिलाकर, दसवें बजट के जरिए योगी सरकार ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य केवल घोषणा नहीं बल्कि ठोस वित्तीय योजना के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। आने वाले महीनों में इन प्रावधानों का जमीनी असर किस तरह दिखाई देगा, इस पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।



