धरी रह गई रंगबाजी! प्लेटफॉर्म पर चाय पीते रह गए यात्री, वंदे भारत स्लीपर निकल गई

तेज रफ्तार और समय की पाबंदी के लिए मशहूर वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में यात्रा कर रहे एक यात्री को प्लेटफॉर्म पर उतरकर चाय पीना महंगा पड़ गया। बताया जा रहा है कि ट्रेन के एक निर्धारित ठहराव के दौरान जनाब आराम से नीचे उतरे और चाय की चुस्कियां लेने लगे। उन्हें भरोसा था कि ट्रेन कुछ देर रुकेगी और वे आसानी से वापस अपनी सीट पर पहुंच जाएंगे। लेकिन वंदे भारत की टाइमिंग ने उनकी सारी रंगबाजी निकाल दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यात्री चाय लेते-लेते बातचीत में उलझ गए। इसी बीच सीटी बजी और ट्रेन धीरे-धीरे आगे बढ़ने लगी। जब तक उन्हें अपनी गलती का एहसास हुआ, तब तक काफी देर हो चुकी थी। वे भागते हुए कोच की तरफ बढ़े, लेकिन हाई-टेक दरवाजे बंद हो चुके थे और ट्रेन रफ्तार पकड़ चुकी थी। प्लेटफॉर्म पर खड़े लोग यह नजारा देखते रह गए।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेनों में समय का सख्ती से पालन किया जाता है। यात्रियों को पहले से ही अनाउंसमेंट और डिस्प्ले के जरिए सतर्क किया जाता है कि बिना जरूरत नीचे न उतरें। कुछ मिनटों की लापरवाही पूरी यात्रा पर भारी पड़ सकती है। इस घटना के बाद संबंधित यात्री को अगली ट्रेन से गंतव्य तक पहुंचने की व्यवस्था करनी पड़ी।
यह मामला सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो गया। कई लोगों ने इसे सबक बताते हुए कहा कि नई पीढ़ी की ट्रेनों में पुरानी आदतें नहीं चलतीं। जहां पहले ट्रेनें देर तक खड़ी रहती थीं, वहीं अब तय समय पर रवाना होना ही प्राथमिकता है। यात्रियों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।
घटना ने एक बार फिर साफ कर दिया कि आधुनिक रेल सेवा में सुविधा तो बढ़ी है, लेकिन अनुशासन भी उतना ही जरूरी है। जरा सी ढिलाई पूरे सफर को बिगाड़ सकती है। इसलिए अगली बार अगर वंदे भारत में सफर कर रहे हों, तो चाय की तलब से ज्यादा जरूरी है ट्रेन की टाइमिंग को याद रखना।



