
भारत और कनाडा के बीच कूटनीतिक रिश्तों को नई दिशा देने की कोशिशों के तहत विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कनाडा की विदेश मंत्री मेलानी जोली से अहम मुलाकात की। यह बैठक कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की प्रस्तावित भारत यात्रा से ठीक पहले हुई, जिसे दोनों देशों के संबंधों में नई शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है। पिछले कुछ समय से भारत-कनाडा रिश्तों में आई तल्खी के बाद यह कूटनीतिक संवाद बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक के दौरान व्यापार, निवेश, शिक्षा, ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग जैसे कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि वैश्विक चुनौतियों के दौर में साझेदारी को मजबूत करना समय की आवश्यकता है। भारत ने स्पष्ट किया कि वह आपसी सम्मान और संप्रभुता के सिद्धांतों के आधार पर संबंधों को आगे बढ़ाना चाहता है, वहीं कनाडा ने भी संवाद और सहयोग के जरिए विश्वास बहाली पर जोर दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि पीएम कार्नी की यात्रा से द्विपक्षीय व्यापार समझौतों, छात्र वीजा प्रक्रियाओं और निवेश परियोजनाओं में सकारात्मक प्रगति देखने को मिल सकती है। भारत और कनाडा के बीच मजबूत भारतीय प्रवासी समुदाय भी रिश्तों की अहम कड़ी है, जो आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को सुदृढ़ बनाता है। इस मुलाकात को दोनों देशों के बीच जमी बर्फ पिघलाने की दिशा में ठोस कदम माना जा रहा है। यदि आगामी यात्रा के दौरान ठोस समझौते होते हैं, तो यह न केवल द्विपक्षीय संबंधों को नई गति देगा, बल्कि वैश्विक मंच पर भी दोनों देशों की साझेदारी को मजबूत आधार प्रदान करेगा।



