कमजोर इम्युनिटी और खराब लाइफस्टाइल से बढ़ रहा टीबी का खतरा, जानें लक्षण और बचाव के उपाय

कमजोर इम्युनिटी और असंतुलित जीवनशैली आज के समय में कई गंभीर बीमारियों को न्योता दे रही है, जिनमें टीबी यानी Tuberculosis प्रमुख है। टीबी एक संक्रामक रोग है जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करता है, हालांकि यह शरीर के अन्य अंगों जैसे हड्डियों, रीढ़, दिमाग और लसीका ग्रंथियों को भी संक्रमित कर सकता है। यह बीमारी Mycobacterium tuberculosis नामक बैक्टीरिया से फैलती है और संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से हवा के जरिए दूसरे व्यक्ति तक पहुंचती है। जिन लोगों की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है—जैसे कुपोषण से ग्रस्त लोग, मधुमेह के मरीज, धूम्रपान करने वाले, अत्यधिक शराब का सेवन करने वाले या एचआईवी संक्रमित व्यक्ति—उन्हें टीबी होने का खतरा अधिक रहता है। टीबी के सामान्य लक्षणों में दो सप्ताह से अधिक समय तक लगातार खांसी, बलगम में खून आना, सीने में दर्द, तेज बुखार, रात में पसीना आना, भूख कम लगना और तेजी से वजन घटना शामिल हैं। कई बार लोग इन लक्षणों को सामान्य सर्दी-खांसी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे बीमारी गंभीर रूप ले लेती है। बचाव के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और स्वच्छ वातावरण बेहद जरूरी हैं। बीसीजी वैक्सीन बच्चों को टीबी से आंशिक सुरक्षा देती है, वहीं समय पर जांच और पूरा इलाज इस बीमारी को जड़ से खत्म करने में अहम भूमिका निभाते हैं। सरकार द्वारा चलाए जा रहे टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत मुफ्त जांच और दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जीवनशैली में सुधार और जागरूकता बढ़ाई जाए तो टीबी जैसी बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।



