यूपी डिजिटल जनगणना 2027: 33 सवालों से तय होगी विकास की दिशा, मोबाइल पर आएगा आधिकारिक मैसेज

उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 की प्रस्तावित डिजिटल जनगणना को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार पारंपरिक कागजी प्रक्रिया के बजाय पूरी गणना डिजिटल माध्यम से की जाएगी, जिससे आंकड़ों की सटीकता और पारदर्शिता बढ़ेगी। बताया जा रहा है कि जनगणना के दौरान 33 महत्वपूर्ण सवाल पूछे जाएंगे, जिनके आधार पर राज्य की विकास योजनाओं की दिशा तय होगी। इन सवालों में परिवार के सदस्यों की संख्या, शिक्षा स्तर, रोजगार की स्थिति, आय के स्रोत, आवास की स्थिति, शौचालय, पेयजल, बिजली कनेक्शन, इंटरनेट सुविधा, डिजिटल उपकरणों की उपलब्धता, सामाजिक-आर्थिक स्थिति और सरकारी योजनाओं का लाभ जैसे बिंदु शामिल होंगे। खास बात यह है कि गणना से पहले नागरिकों के मोबाइल पर एक आधिकारिक मैसेज भेजा जाएगा, जिसमें सर्वे की तारीख, गणनाकार का विवरण और सत्यापन संबंधी जानकारी दी जाएगी, ताकि किसी तरह की धोखाधड़ी या भ्रम की स्थिति न बने। सरकार का उद्देश्य है कि रीयल-टाइम डेटा के जरिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, शहरी विकास और ग्रामीण बुनियादी ढांचे की योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाया जाए। डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग से डेटा तुरंत सर्वर पर अपलोड होगा, जिससे विश्लेषण में तेजी आएगी और नीतियों का निर्माण तथ्यात्मक आधार पर किया जा सकेगा। अधिकारियों के अनुसार, इस जनगणना से राज्य की जनसंख्या संरचना, पलायन, कौशल स्तर और सामाजिक बदलावों की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। यह प्रक्रिया न केवल प्रशासनिक सुधार का हिस्सा है, बल्कि ‘डिजिटल गवर्नेंस’ की दिशा में एक बड़ा कदम भी मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आंकड़ों का सही उपयोग किया गया तो 2027 के बाद राज्य की विकास योजनाएं अधिक लक्षित और परिणामकारी हो सकती हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि वे मोबाइल पर आने वाले आधिकारिक संदेश पर ध्यान दें और सर्वे के दौरान सही व पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि भविष्य की नीतियां वास्तविक जरूरतों के अनुरूप तैयार की जा सकें।



