गोरखपुर में खतौनी शुल्क अब QR कोड से जमा, DM ने समय पर निस्तारण की दी सलाह

गोरखपुर जिले में भूमि रिकॉर्ड या खतौनी से जुड़ा शुल्क अब डिजिटल माध्यम से जमा किया जा सकेगा। जिले के नागरिक अब अपने मोबाइल या कंप्यूटर से ही QR कोड स्कैन कर खतौनी का शुल्क जमा कर सकते हैं, जिससे बैंक या तहसील का चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस नई सुविधा का उद्देश्य लोगों का समय बचाना और भुगतान प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाना है। गोरखपुर के जिला मजिस्ट्रेट (DM) ने कहा कि अब नागरिकों को तारीखों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, बल्कि वे अपनी सुविधा और समय के अनुसार शुल्क का निस्तारण कर सकते हैं।
DM ने अधिकारियों और जनता दोनों को अपील की कि वे इस नई डिजिटल प्रणाली का सही तरीके से उपयोग करें और किसी भी प्रकार की देरी या अनावश्यक भीड़ से बचें। उन्होंने कहा कि तारीख पर तारीख नहीं, बल्कि समय पर काम पूरा करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि QR कोड से भुगतान करने पर तत्काल रसीद जनरेट हो जाएगी, जिससे भुगतान का प्रमाण तुरंत उपलब्ध होगा और किसी भी विवाद की स्थिति में यह प्रमाण काम आएगा।
खतौनी शुल्क का भुगतान अब पूरी तरह से सुरक्षित डिजिटल माध्यम से होगा। QR कोड आधारित भुगतान प्रणाली से नकद लेन-देन की आवश्यकता समाप्त होगी, जिससे भ्रष्टाचार की संभावना भी कम होगी। DM ने यह भी कहा कि लोग अगर कोई तकनीकी समस्या का सामना करें तो संबंधित तहसील कार्यालय में सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
यह पहल गोरखपुर जिले में डिजिटल इंडिया के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और सुविधा भी बढ़ेगी। QR कोड से भुगतान करने पर यह सुनिश्चित होगा कि हर लेन-देन का रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगा।



