
एआई समिट के दौरान ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री Rishi Sunak ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ताकत पर चर्चा करते हुए एक हल्का-फुल्का लेकिन चुटीला बयान दिया। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि एआई आज चिकित्सा, शिक्षा, रक्षा, वित्त और शासन जैसे क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है, लेकिन “दिल्ली का ट्रैफिक खत्म करना शायद उसके लिए भी मुश्किल काम है।” उनके इस बयान पर समिट में मौजूद लोग हंस पड़े और सोशल मीडिया पर भी यह टिप्पणी तेजी से वायरल हो गई। सुनक का यह अंदाज इस बात को दर्शाता है कि तकनीक भले ही कितनी भी उन्नत हो जाए, लेकिन जमीनी चुनौतियां और व्यवस्थागत समस्याएं केवल एल्गोरिद्म के सहारे पूरी तरह हल नहीं की जा सकतीं। उन्होंने अपने संबोधन में यह भी कहा कि एआई सरकारों को बेहतर निर्णय लेने, डेटा विश्लेषण में तेजी लाने और नागरिक सेवाओं को अधिक पारदर्शी बनाने में मदद कर सकता है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि एआई का जिम्मेदार उपयोग, डेटा सुरक्षा और नैतिक मानकों का पालन बेहद जरूरी है। दिल्ली के ट्रैफिक का जिक्र करते हुए उन्होंने शहरीकरण, जनसंख्या दबाव और अधोसंरचना की सीमाओं की ओर इशारा किया। उनका संदेश साफ था कि तकनीक समाधान का हिस्सा हो सकती है, लेकिन नीति, योजना और नागरिक अनुशासन के बिना कोई भी शहर सुचारू रूप से नहीं चल सकता। एआई समिट में वैश्विक सहयोग, नवाचार और नियमन पर भी व्यापक चर्चा हुई, जहां विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने भविष्य की तकनीकी रणनीतियों पर अपने विचार साझा किए। सुनक के इस बयान ने गंभीर चर्चा के बीच एक हल्का पल जरूर जोड़ा, लेकिन साथ ही यह भी रेखांकित किया कि एआई को लेकर अति-उत्साह से अधिक संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है।



