नोएडा में संपत्ति रजिस्ट्री को मिलेगी रफ्तार, देर रात तक खुले रहेंगे दफ्तर; सरकार को 10 करोड़ का अतिरिक्त फायदा

उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और रियल एस्टेट हब के रूप में तेजी से विकसित हो रहे नोएडा में अब संपत्ति रजिस्ट्री की प्रक्रिया और अधिक सुगम होने जा रही है। प्रशासन ने निर्णय लिया है कि शहर के रजिस्ट्रार कार्यालय अब रात तक खुले रहेंगे, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद हर सप्ताह लगभग 300 अतिरिक्त रजिस्ट्री किए जाने का अनुमान है। इससे न केवल लोगों को लंबी प्रतीक्षा से मुक्ति मिलेगी, बल्कि राज्य सरकार के राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। अधिकारियों के अनुसार, इस फैसले से करीब 10 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होने की संभावना है।
दरअसल, नोएडा में लगातार बढ़ते रियल एस्टेट कारोबार और नई परियोजनाओं के कारण रजिस्ट्री कार्यालयों पर काम का दबाव काफी बढ़ गया था। फ्लैट, प्लॉट और कमर्शियल प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री में तेजी के चलते लोगों को अपॉइंटमेंट के लिए कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा था। इसी समस्या को देखते हुए प्रशासन ने कार्यालयों के समय में विस्तार करने का फैसला लिया। अब शाम के बाद भी रजिस्ट्री की प्रक्रिया जारी रहेगी, जिससे लंबित मामलों का तेजी से निपटारा हो सकेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से रियल एस्टेट सेक्टर को नई ऊर्जा मिलेगी। निवेशकों और खरीदारों को सुविधा मिलने से संपत्ति लेन-देन में पारदर्शिता और गति दोनों बढ़ेंगी। साथ ही, बिचौलियों पर निर्भरता भी कम होगी। डिजिटल प्रक्रियाओं और विस्तारित कार्य समय के संयोजन से व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी।
राजस्व विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सप्ताह में 300 अतिरिक्त रजिस्ट्रियों का सीधा असर सरकारी आय पर पड़ेगा। स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क के माध्यम से सरकार को हर महीने उल्लेखनीय अतिरिक्त आय प्राप्त होगी। अनुमान है कि सालाना स्तर पर यह राशि 10 करोड़ रुपये या उससे अधिक तक पहुंच सकती है।
आम नागरिकों ने भी इस निर्णय का स्वागत किया है। कामकाजी लोगों के लिए दिन में समय निकाल पाना मुश्किल होता था, लेकिन अब वे शाम या रात में भी रजिस्ट्री करा सकेंगे। इससे समय की बचत होगी और प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक बनेगी। कुल मिलाकर, नोएडा में रजिस्ट्रार कार्यालयों का रात तक खुलना प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो विकास और राजस्व दोनों को नई गति देगा।



