
अफगानिस्तान में पाकिस्तान द्वारा की गई हालिया एयरस्ट्राइक के बाद दक्षिण एशिया की सियासत में हलचल तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान ने सीमा पार आतंकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया, लेकिन इस कार्रवाई में नागरिकों के हताहत होने की खबरों ने विवाद खड़ा कर दिया। इस घटनाक्रम पर भारत ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि क्षेत्रीय स्थिरता को कमजोर करने वाली किसी भी एकतरफा सैन्य कार्रवाई से हालात और बिगड़ सकते हैं। भारत के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है, लेकिन संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान भी उतना ही आवश्यक है। सूत्रों के अनुसार भारत ने अप्रत्यक्ष रूप से पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि आंतरिक विफलताओं और घरेलू अस्थिरता से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की कार्रवाई करना उचित नहीं है।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर लंबे समय से तनाव बना हुआ है, खासकर डूरंड लाइन को लेकर दोनों देशों के संबंध संवेदनशील रहे हैं। पाकिस्तान का आरोप है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के लड़ाके अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल कर हमले करते हैं, जबकि अफगान पक्ष इन आरोपों से इनकार करता रहा है। ऐसे में एयरस्ट्राइक की घटना ने दोनों देशों के रिश्तों को और अधिक जटिल बना दिया है। भारत ने हमेशा से यह रुख अपनाया है कि क्षेत्र में शांति और विकास ही स्थायी समाधान का मार्ग है। जानकारों का मानना है कि यदि यह तनाव बढ़ता है तो इसका असर पूरे दक्षिण एशिया की सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ सकता है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी संयम बरतने और संवाद के जरिए समाधान निकालने की अपील की है, ताकि आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और क्षेत्र में स्थिरता बनी रहे।



