रंगभरी एकादशी 2026: मां लक्ष्मी के इन शक्तिशाली मंत्रों का करें जप, घर में बनी रहेगी धन-समृद्धि

रंगभरी एकादशी हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और शुभ मानी जाती है। यह पर्व मुख्य रूप से रंगभरी एकादशी के रूप में फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव काशी लौटते हैं और भक्त रंग-गुलाल से उनका स्वागत करते हैं। साथ ही यह दिन धन, वैभव और सुख-समृद्धि की अधिष्ठात्री देवी लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए भी बेहद शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन विधि-विधान से पूजा और विशेष मंत्रों का जप करने से आर्थिक तंगी दूर होती है और घर में स्थायी लक्ष्मी का वास होता है।
रंगभरी एकादशी के दिन सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और घर के पूजा स्थान में मां लक्ष्मी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। उन्हें कमल का फूल, सफेद मिठाई और खीर अर्पित करें। इसके बाद श्रद्धा और एकाग्रता के साथ “ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः” मंत्र का कम से कम 108 बार जप करें। यह मंत्र धन आगमन के मार्ग खोलने वाला माना गया है। इसके अतिरिक्त “ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मिभ्यो नमः” मंत्र का जप करने से आर्थिक बाधाएं दूर होती हैं और आय के नए स्रोत बनते हैं।
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार यदि इस दिन श्रीसूक्त या कनकधारा स्तोत्र का पाठ किया जाए तो विशेष फल की प्राप्ति होती है। संध्या समय घी का दीपक जलाकर मां लक्ष्मी की आरती करें और परिवार सहित सुख-समृद्धि की कामना करें। ऐसा करने से न केवल धन लाभ होता है बल्कि मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा भी घर में बनी रहती है।
मान्यता है कि रंगभरी एकादशी पर सच्चे मन से किए गए उपाय शीघ्र फल देते हैं। जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करना भी अत्यंत शुभ माना गया है। इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और जीवन में कभी पैसों की कमी नहीं रहती। इसलिए इस पावन अवसर पर श्रद्धा, विश्वास और नियमपूर्वक मंत्र जप कर मां लक्ष्मी का आशीर्वाद अवश्य प्राप्त करें।



