क्या है ‘एस्परजिलस’ फंगस? सिडनी में दो मौतों के बाद बढ़ी चिंता, जानें किसे है ज्यादा खतरा

ऑस्ट्रेलिया के Sydney में हाल ही में ‘एस्परजिलस’ फंगस से जुड़ी दो मरीजों की मौत की खबर ने स्वास्थ्य विभाग और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ‘एस्परजिलस’ दरअसल एक सामान्य प्रकार का फंगस (कवक) है, जो मिट्टी, धूल, सड़ी पत्तियों, अनाज और नमी वाली जगहों पर पाया जाता है। वैज्ञानिक भाषा में इसे Aspergillosis से जोड़ा जाता है, जो इस फंगस के शरीर में प्रवेश करने पर होने वाला संक्रमण है। आमतौर पर स्वस्थ लोगों में यह गंभीर बीमारी का कारण नहीं बनता, लेकिन कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों के लिए यह जानलेवा साबित हो सकता है।
यह फंगस हवा में मौजूद सूक्ष्म बीजाणुओं (स्पोर्स) के जरिए फैलता है। जब कोई व्यक्ति इन्हें सांस के साथ अंदर लेता है, तो ये फेफड़ों में पहुंच सकते हैं। अधिकतर मामलों में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता इन्हें खत्म कर देती है, लेकिन जिन लोगों की इम्युनिटी कम होती है—जैसे कैंसर मरीज, ऑर्गन ट्रांसप्लांट करा चुके लोग, लंबे समय से स्टेरॉयड ले रहे मरीज या गंभीर फेफड़ों की बीमारी से जूझ रहे लोग—उनमें संक्रमण तेजी से फैल सकता है। गंभीर स्थिति में यह ‘इनवेसिव एस्परजिलोसिस’ का रूप ले लेता है, जो फेफड़ों से आगे बढ़कर शरीर के अन्य अंगों को भी प्रभावित कर सकता है।
लक्षणों में लगातार बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द और कभी-कभी खून की खांसी शामिल हो सकती है। डॉक्टर आमतौर पर सीटी स्कैन, ब्लड टेस्ट और माइक्रोबायोलॉजिकल जांच के जरिए इसकी पुष्टि करते हैं। इलाज के लिए एंटी-फंगल दवाएं दी जाती हैं, लेकिन देर से पहचान होने पर जोखिम बढ़ जाता है। अस्पतालों में विशेष सावधानी बरतना जरूरी होता है, खासकर उन वार्डों में जहां इम्युनिटी कमजोर मरीज भर्ती हों।
विशेषज्ञों का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह कोई नई या अचानक फैली महामारी नहीं है। यह फंगस वातावरण में सामान्य रूप से मौजूद रहता है। हालांकि जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है, उन्हें निर्माण स्थलों, धूलभरी जगहों और नमी वाले क्षेत्रों से बचाव रखना चाहिए। समय पर पहचान और सही उपचार से इस संक्रमण को नियंत्रित किया जा सकता है।



