कुपोषण मुक्त यूपी की ओर बड़ा कदम, ‘हॉट कुक्ड मील’ और डिजिटल मॉनिटरिंग से बच्चों की सेहत में सुधार

उत्तर प्रदेश में कुपोषण जैसी गंभीर समस्या से निपटने के लिए योगी आदित्यनाथ की सरकार ने डिजिटल तकनीक का सहारा लेते हुए बड़ा अभियान छेड़ दिया है। ‘हॉट कुक्ड मील’ योजना के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत लाखों बच्चों को रोजाना ताजा और गरम भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य सिर्फ पेट भरना नहीं, बल्कि बच्चों को संतुलित पोषण देकर उनके शारीरिक और मानसिक विकास को सुनिश्चित करना है।
सरकार ने इस योजना को डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम से जोड़ दिया है, जिससे भोजन की गुणवत्ता, वितरण और लाभार्थियों की उपस्थिति पर रियल-टाइम नजर रखी जा सके। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मोबाइल एप के जरिए बच्चों का डेटा अपलोड करना होता है, जिससे कुपोषित और अति-कुपोषित बच्चों की पहचान तुरंत हो जाती है। इससे जरूरतमंद बच्चों को विशेष पोषण आहार उपलब्ध कराने में आसानी हो रही है।
‘हॉट कुक्ड मील’ योजना के तहत बच्चों को दाल, चावल, हरी सब्जियां, खिचड़ी, दूध और मौसमी फल जैसे पोषक तत्वों से भरपूर भोजन दिया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित रूप से गरम और ताजा भोजन मिलने से बच्चों में वजन और हीमोग्लोबिन स्तर में सुधार देखा जा रहा है। कई जिलों में कुपोषण दर में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है, जो इस योजना की प्रभावशीलता को दर्शाती है।
इसके अलावा, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीमें समय-समय पर आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण कर रही हैं। डिजिटल डैशबोर्ड के जरिए शासन स्तर पर भी समीक्षा की जा रही है, जिससे किसी भी तरह की लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई संभव हो पा रही है।
सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में प्रदेश को कुपोषण मुक्त बनाया जाए। ‘हॉट कुक्ड मील’ और डिजिटल ट्रैकिंग के इस मॉडल को अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा है। यदि इसी तरह पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रही, तो उत्तर प्रदेश में बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण स्तर में स्थायी सुधार संभव है।



