Rang Panchami 2026: आज मनाई जा रही रंग पंचमी, जानें पूजा विधि, सामग्री सूची और शुभ मंत्र

Rang Panchami का पर्व हर साल होली के पांच दिन बाद मनाया जाता है और इस दिन रंगों के साथ देवताओं की पूजा करने की परंपरा है। मान्यता है कि इस दिन रंग और गुलाल उड़ाने से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा फैलती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रंग पंचमी के दिन भगवान Shri Krishna और Radha की पूजा विशेष रूप से की जाती है। इस दिन सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें और घर के मंदिर में भगवान की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक जलाएं। इसके बाद भगवान को गुलाल, फूल, अबीर और मिठाई अर्पित करें। पूजा के दौरान “ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने, प्रणतः क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमः” मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है। रंग पंचमी की पूजा में जिन सामग्रियों की जरूरत होती है उनमें गुलाल, अबीर, फूल, अक्षत, रोली, धूप, दीपक, गंगाजल, मिठाई और पंचामृत शामिल हैं। कई जगहों पर इस दिन भगवान कृष्ण को रंग अर्पित कर विशेष आरती भी की जाती है। माना जाता है कि इस दिन पूजा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं। रंग पंचमी खास तौर पर Madhya Pradesh और Maharashtra में बड़े उत्साह के साथ मनाई जाती है, जहां लोग रंगों के साथ जुलूस निकालते हैं और एक-दूसरे को गुलाल लगाकर खुशियां बांटते हैं। इस पर्व का आध्यात्मिक संदेश यह है कि जीवन में प्रेम, आनंद और भाईचारे के रंग हमेशा बने रहें। इसलिए रंग पंचमी केवल रंग खेलने का त्योहार नहीं, बल्कि सकारात्मकता और सौहार्द का प्रतीक भी माना जाता है। 🎨🙏



