
मार्च का महीना इस बार देशभर में मौसम के दोहरे रूप के साथ सामने आ रहा है। एक तरफ जहां पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी का दौर जारी है, वहीं दूसरी ओर कई मैदानी इलाकों में तेज धूप और बढ़ती गर्मी लोगों को परेशान करने लगी है। उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल रहा है। हिमालयी राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी दर्ज की जा रही है, जिससे ठंड का एहसास फिर से बढ़ गया है। वहीं दूसरी तरफ राजस्थान के कई जिलों में तापमान तेजी से बढ़ते हुए 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जो मार्च के शुरुआती दिनों में ही गर्मी के तीखे तेवर का संकेत दे रहा है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का यही मिला-जुला रूप देखने को मिल सकता है। मध्य भारत और उत्तर भारत के कुछ मैदानी इलाकों में दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाएं महसूस की जा रही हैं, जबकि सुबह और शाम हल्की ठंड बनी हुई है। इस असामान्य मौसम की वजह से लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है। किसानों के लिए भी यह मौसम चुनौतीपूर्ण बन सकता है, क्योंकि अचानक बारिश या ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान का खतरा बढ़ जाता है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मार्च और अप्रैल के दौरान पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण इस तरह के उतार-चढ़ाव देखने को मिलते हैं। फिलहाल लोगों को सलाह दी गई है कि मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए अपनी सेहत और दिनचर्या का खास ध्यान रखें। आने वाले दिनों में कुछ राज्यों में तापमान और बढ़ सकता है, जिससे गर्मी का असर और ज्यादा महसूस होगा, जबकि पहाड़ी इलाकों में ठंड और बर्फबारी का दौर बीच-बीच में जारी रह सकता है। ऐसे में मार्च का यह महीना देशभर में मौसम के अलग-अलग रंग दिखा रहा है, जो लोगों के लिए हैरानी और चुनौती दोनों बन गया है।



