मोबाइल की लत से बढ़ रहा मानसिक तनाव, सीएम योगी बोले- परिवार के लिए समय निकालें युवा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने युवाओं में बढ़ती स्मार्टफोन की लत को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि यह आदत धीरे-धीरे मानसिक तनाव और डिप्रेशन की बड़ी वजह बनती जा रही है। उन्होंने युवाओं को सचेत करते हुए कहा कि तकनीक का इस्तेमाल जीवन को बेहतर बनाने के लिए होना चाहिए, लेकिन जब यही तकनीक जीवन पर हावी होने लगे तो यह खतरनाक साबित होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी का बड़ा हिस्सा मोबाइल और सोशल मीडिया में इतना व्यस्त हो गया है कि उन्हें परिवार, समाज और वास्तविक जीवन के रिश्तों के लिए समय ही नहीं मिल पाता। यही दूरी आगे चलकर मानसिक अकेलेपन और अवसाद का कारण बनती है।
सीएम योगी ने युवाओं से अपील की कि वे अपने दिन का कुछ समय परिवार के साथ जरूर बिताएं। उन्होंने कहा कि परिवार के साथ बातचीत, साथ बैठकर भोजन करना और सकारात्मक माहौल में समय बिताना मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है। यदि युवा केवल मोबाइल स्क्रीन तक ही सीमित रहेंगे तो उनके सामाजिक संबंध कमजोर होंगे और यह स्थिति उनके मानसिक संतुलन पर भी असर डाल सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि माता-पिता और अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को तकनीक के संतुलित उपयोग के बारे में समझाएं और उन्हें खेलकूद, पढ़ाई तथा रचनात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के डिजिटल युग में स्मार्टफोन पूरी तरह से छोड़ देना संभव नहीं है, लेकिन इसके उपयोग की सीमा तय करना बहुत जरूरी है। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे अपने दैनिक जीवन में योग, खेल, पढ़ाई और सामाजिक गतिविधियों को शामिल करें, ताकि उनका मानसिक और शारीरिक विकास संतुलित तरीके से हो सके। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि परिवार और समाज से जुड़ाव ही जीवन में सकारात्मकता और आत्मविश्वास लाता है।
सीएम योगी का कहना है कि यदि युवा समय रहते इस समस्या को समझ लें और अपने जीवन में संतुलन बना लें, तो वे न केवल डिप्रेशन जैसी समस्याओं से बच सकते हैं बल्कि अपने भविष्य को भी बेहतर बना सकते हैं। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता केवल तकनीक से नहीं बल्कि अनुशासन, सकारात्मक सोच और परिवार के सहयोग से मिलती है।



