किसानों के हित में बड़ा फैसला: वेदर स्टेशन स्थापना में लापरवाही पर स्काईमेट का कॉन्ट्रैक्ट हो सकता है खत्म

उत्तर प्रदेश में किसानों को सटीक और समय पर मौसम की जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लगाए जा रहे वेदर स्टेशनों की स्थापना में हो रही देरी पर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने इस मामले में स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि कार्य में ढिलाई जारी रही तो संबंधित कंपनी स्काईमेट का अनुबंध निरस्त कर दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में इस परियोजना की प्रगति पर असंतोष जताया और कहा कि यह योजना किसानों के हित से सीधे जुड़ी हुई है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री ने कहा कि वेदर स्टेशनों के माध्यम से किसानों को तापमान, वर्षा, आर्द्रता और हवा की दिशा जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां मिलती हैं, जिससे वे अपनी फसलों के प्रबंधन में बेहतर निर्णय ले सकते हैं। ऐसे में इस परियोजना का समय पर पूरा होना बेहद जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिया कि तय समयसीमा के भीतर सभी वेदर स्टेशन स्थापित किए जाएं और उनकी कार्यप्रणाली भी सुनिश्चित की जाए। कृषि विभाग के अधिकारियों को भी जिम्मेदारी तय करते हुए कहा गया है कि वे नियमित रूप से प्रगति की निगरानी करें और किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर तत्काल कार्रवाई करें। सरकार का मानना है कि मौसम आधारित कृषि सलाह से न केवल फसल उत्पादन बढ़ेगा बल्कि किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को भी कम करने में मदद मिलेगी। इसलिए इस योजना को प्राथमिकता में रखा गया है। मंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए तकनीक और आधुनिक साधनों का अधिकतम उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है। वेदर स्टेशन परियोजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो कृषि क्षेत्र में डिजिटल और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को मजबूत करेगा। यदि स्काईमेट तय मानकों और समयसीमा का पालन नहीं करता है, तो सरकार वैकल्पिक व्यवस्था करने से भी पीछे नहीं हटेगी। इस सख्त रुख से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि सरकार किसानों से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई को गंभीरता से ले रही है और योजनाओं को समय पर पूरा कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।



