
देश में बच्चों को गोद लेने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और कानूनी बनाने के लिए केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) ने सभी संबंधित एजेंसियों और संस्थाओं को सख्त निर्देश जारी किए हैं। CARA ने स्पष्ट कहा है कि गोद लेने की हर प्रक्रिया निर्धारित नियमों और दिशानिर्देशों के तहत ही पूरी की जानी चाहिए, ताकि बच्चों के अधिकारों की रक्षा हो सके और किसी भी प्रकार की अनियमितता या अवैध गतिविधि पर रोक लगाई जा सके। प्राधिकरण ने यह भी कहा है कि दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया में शामिल सभी एजेंसियों को ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से पंजीकरण, सत्यापन और आवंटन की प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ अपनाना होगा। इससे न केवल प्रक्रिया सरल होगी बल्कि संभावित अभिभावकों को भी सही जानकारी समय पर मिल सकेगी। CARA ने यह भी निर्देश दिया है कि किसी भी स्तर पर शॉर्टकट अपनाने या नियमों की अनदेखी करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, कई बार देखा गया है कि कुछ संस्थाएं प्रक्रिया को तेज करने के नाम पर नियमों का उल्लंघन करती हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा और उनके भविष्य पर असर पड़ सकता है। ऐसे मामलों को रोकने के लिए निगरानी तंत्र को और मजबूत किया जा रहा है। साथ ही, संभावित दत्तक माता-पिता को भी सलाह दी गई है कि वे केवल अधिकृत एजेंसियों के माध्यम से ही आवेदन करें और किसी भी अनधिकृत माध्यम से गोद लेने की प्रक्रिया में शामिल न हों। CARA का यह कदम बच्चों के हितों की रक्षा के साथ-साथ देश में दत्तक ग्रहण प्रणाली को अधिक विश्वसनीय और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सभी संस्थाएं इन निर्देशों का पालन करें, तो न केवल प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी बल्कि बच्चों को जल्द और सुरक्षित परिवार भी मिल सकेगा। सरकार की मंशा है कि हर बच्चे को एक सुरक्षित और स्नेहपूर्ण परिवार मिले, और इसके लिए दत्तक ग्रहण प्रणाली को मजबूत करना बेहद जरूरी है।



