
इजरायल का छोटा सा शहर डिमोना इन दिनों सुर्खियों में है। एक ओर जहां यह शहर ईरानी हमलों के कारण चर्चा में बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर इसकी एक अलग पहचान भी है—इसे ‘लिटिल इंडिया’ के नाम से जाना जाता है। डिमोना में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के यहूदी समुदाय के लोग रहते हैं, जिनकी वजह से यहां भारतीय संस्कृति, खान-पान और परंपराओं की झलक साफ दिखाई देती है।
डिमोना का बाजार इस पहचान को और भी खास बनाता है। यहां घूमते हुए ऐसा लगता है जैसे आप भारत के किसी छोटे शहर या बाजार में आ गए हों। दुकानों पर चाट, जलेबी, भेलपूड़ी, समोसे और अन्य भारतीय व्यंजन आसानी से मिल जाते हैं। भारतीय मसालों की खुशबू और स्वाद यहां के माहौल को पूरी तरह भारतीय बना देते हैं। यही कारण है कि स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि पर्यटक भी इस बाजार की ओर आकर्षित होते हैं।
इस शहर में भारतीय यहूदियों की मौजूदगी कई दशकों पुरानी है। उन्होंने यहां आकर अपनी संस्कृति को जीवित रखा और उसे स्थानीय जीवन का हिस्सा बना दिया। त्योहारों के दौरान यहां दीवाली, होली और अन्य भारतीय पर्व भी बड़े उत्साह के साथ मनाए जाते हैं। पारंपरिक भारतीय संगीत और नृत्य भी यहां की पहचान बन चुके हैं।
हालांकि हाल के दिनों में डिमोना सुरक्षा के लिहाज से चिंता का विषय बना हुआ है। ईरानी हमलों के खतरे के चलते यहां के लोगों में डर और असुरक्षा की भावना है। इसके बावजूद शहर की जीवंतता और सांस्कृतिक विविधता कम नहीं हुई है। लोग अपने दैनिक जीवन को सामान्य बनाए रखने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।
डिमोना की सबसे बड़ी खासियत यही है कि यह कठिन परिस्थितियों में भी अपनी पहचान को बनाए रखता है। ‘लिटिल इंडिया’ के रूप में यह शहर न केवल भारतीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि कैसे अलग-अलग संस्कृतियां एक साथ मिलकर एक नई पहचान बना सकती हैं।
इस तरह डिमोना सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि भारत और इजरायल के सांस्कृतिक संबंधों का जीवंत उदाहरण है, जहां संघर्ष के बीच भी स्वाद, परंपरा और संस्कृति की मिठास बनी रहती है।



