धर्म-आस्था

हनुमान जी क्यों हैं चिरंजीवी? जानिए अमरता का रहस्य और पौराणिक कथा

Hanuman को ‘चिरंजीवी’ यानी अमर माना जाता है, जिसका अर्थ है कि वे युगों-युगों तक जीवित रहकर धर्म की रक्षा करते रहेंगे। पौराणिक कथाओं के अनुसार, हनुमान जी को यह वरदान कई देवताओं से प्राप्त हुआ था। जब उन्होंने बाल्यकाल में सूर्य को फल समझकर निगल लिया, तब Indra के वज्र से वे घायल हो गए। इस घटना के बाद Vayu देव क्रोधित हो गए और पूरे ब्रह्मांड में वायु का प्रवाह रोक दिया। तब सभी देवताओं ने मिलकर हनुमान जी को अनेकों वरदान दिए, जिनमें अमरता भी शामिल थी।

Brahma, Shiva और Vishnu समेत कई देवताओं ने उन्हें अद्भुत शक्तियां और अजर-अमर रहने का आशीर्वाद दिया। साथ ही, Rama ने भी उन्हें आशीर्वाद दिया कि जब तक इस धरती पर राम कथा और धर्म का अस्तित्व रहेगा, तब तक हनुमान जी जीवित रहेंगे और अपने भक्तों की रक्षा करते रहेंगे।

मान्यता है कि हनुमान जी आज भी पृथ्वी पर मौजूद हैं और सच्चे मन से उनका स्मरण करने वाले भक्तों की हर संकट से रक्षा करते हैं। यही कारण है कि उन्हें ‘संकटमोचन’ और ‘चिरंजीवी’ कहा जाता है। उनकी अमरता केवल शारीरिक नहीं, बल्कि उनकी भक्ति, शक्ति और सेवा भाव का प्रतीक भी है, जो हर युग में लोगों को प्रेरणा देता है।

Computer Jagat 24

Founded in 2018, Computer Jagat24 has quickly emerged as a leading news source based in Lucknow, Uttar Pradesh. Our mission is to inspire, educate, and outfit our readers for a lifetime of adventure and stewardship, reflecting our commitment to providing comprehensive and reliable news coverage.

संबंधित समाचार

Back to top button