
उत्तर प्रदेश सरकार ने ऐलान किया है कि वह अखिलेश यादव के कार्यकाल में लागू की गई मदरसा नियमावली में बड़े बदलाव करेगी। नई नियमावली में मदरसों की मान्यता और पाठ्यक्रम को अधिक सख्त और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया जाएगा।
सरकार का कहना है कि इससे मदरसों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधरेगी और सभी संस्थान निर्धारित मानकों के अनुसार काम करेंगे। शिक्षा विभाग इस दिशा में विभिन्न मसौदे तैयार कर रहा है और जल्द ही उन्हें लागू करने की तैयारी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस कदम से न केवल धार्मिक शिक्षा में सुधार आएगा, बल्कि विद्यार्थियों को आधुनिक और व्यावहारिक ज्ञान भी उपलब्ध होगा। साथ ही, पारदर्शिता बढ़ने से मदरसों में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार पर भी नियंत्रण संभव होगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि नई नियमावली में मदरसों के पाठ्यक्रम में आधुनिक विषयों को शामिल करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसमें गणित, विज्ञान, भाषा और कंप्यूटर शिक्षा जैसे विषयों को भी जरूरी मानक के तहत पढ़ाया जाएगा, ताकि विद्यार्थी समाज और रोजगार की जरूरतों के अनुरूप तैयार हो सकें।
साथ ही, मदरसों की मान्यता प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल निगरानी और रजिस्ट्री प्रणाली लागू की जाएगी। इससे किसी भी तरह की अनियमितता को तुरंत पकड़ा जा सकेगा और केवल योग्य संस्थान ही मान्यता प्राप्त करेंगे।
सरकार का मानना है कि इस कदम से धार्मिक और आधुनिक शिक्षा के बीच संतुलन स्थापित होगा। इसके अलावा, मदरसों में शिक्षक प्रशिक्षण और मूल्यांकन प्रणाली को भी सुधारने की योजना है, जिससे बच्चों की सीखने की क्षमता में वृद्धि होगी और प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर होगी।



