सल्फेट-फ्री शैम्पू के फायदे-नुकसान | डर्मेटोलॉजिस्ट की राय

आजकल हेयर केयर में सल्फेट-फ्री शैम्पू का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन क्या यह सच में हर किसी के लिए फायदेमंद है? डर्मेटोलॉजिस्ट के अनुसार, सल्फेट-फ्री शैम्पू बालों और स्कैल्प पर ज्यादा माइल्ड होता है। यह बालों की नैचुरल ऑयल्स को पूरी तरह नहीं हटाता, जिससे ड्राई और फ्रिज़ी बालों को फायदा मिल सकता है। खासकर जिन लोगों के बाल केमिकल ट्रीटमेंट या कलर किए हुए होते हैं, उनके लिए यह बेहतर विकल्प माना जाता है।
हालांकि, सल्फेट-फ्री शैम्पू हर स्थिति में परफेक्ट नहीं होता। जिन लोगों का स्कैल्प ज्यादा ऑयली होता है, उन्हें इससे बाल पूरी तरह साफ नहीं लग सकते, क्योंकि इसमें झाग (फोम) कम बनता है। ऐसे में डैंड्रफ या ऑयल बिल्डअप की समस्या भी हो सकती है।
डर्मेटोलॉजिस्ट सलाह देते हैं कि शैम्पू चुनते समय सिर्फ ट्रेंड के बजाय अपने हेयर टाइप और स्कैल्प की जरूरतों को समझना ज्यादा जरूरी है। अगर आपके बाल ड्राई, डैमेज या कलर-ट्रीटेड हैं, तो सल्फेट-फ्री शैम्पू फायदेमंद हो सकता है। वहीं, ऑयली स्कैल्प वाले लोग हफ्ते में एक बार क्लैरिफाइंग शैम्पू का इस्तेमाल कर सकते हैं। सही प्रोडक्ट और सही रूटीन अपनाने से ही बाल लंबे समय तक हेल्दी और मजबूत रह सकते हैं।



