कारोबार
टैरिफ का असर: चीन बना भारत का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर


वैश्विक व्यापार में बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं, जहां टैरिफ नीतियों और सप्लाई चेन में आए बदलावों के बीच चीन ने United States को पीछे छोड़कर India का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर बन गया है। यह बदलाव मुख्य रूप से आयात-निर्यात पैटर्न और इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी व कच्चे माल की बढ़ती मांग के कारण देखा गया है।
पिछले कुछ वर्षों में भारत और चीन के बीच व्यापारिक लेन-देन में लगातार बढ़ोतरी हुई है, जबकि अमेरिका के साथ ट्रेड में अपेक्षाकृत धीमी वृद्धि देखने को मिली है। इसका एक बड़ा कारण वैश्विक सप्लाई चेन का एशिया की ओर झुकाव और चीनी उत्पादों की प्रतिस्पर्धी कीमतें भी मानी जा रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव भारत की व्यापार रणनीति के लिए महत्वपूर्ण संकेत है। इससे जहां आयात पर निर्भरता बढ़ सकती है, वहीं भारत के लिए निर्यात बढ़ाने और नए बाजार खोजने की जरूरत भी और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।