उन्नाव पीड़िता मामले में 1940 दिन की देरी पर दिल्ली HC ने सवाल

उन्नाव पीड़िता मामले में दाखिल अपील में 1940 दिन की देरी को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने गंभीर सवाल उठाए हैं। अदालत ने इस लंबी देरी के कारणों पर विस्तृत जवाब मांगा है और संबंधित पक्षों से स्पष्टीकरण तलब किया है। मामला पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर से जुड़ा हुआ है, जो पहले से ही इस प्रकरण में दोषी ठहराए जा चुके हैं।
अदालत ने कहा कि इतने लंबे समय तक अपील दायर न करना कई प्रक्रियात्मक सवाल खड़े करता है, जिनका जवाब देना जरूरी है। वहीं, पीड़िता पक्ष ने न्याय में देरी को लेकर गंभीर आपत्ति जताई है और मामले की शीघ्र सुनवाई की मांग की है। यह मामला पहले से ही संवेदनशील रहा है और अब एक बार फिर न्यायिक प्रक्रिया के तहत चर्चा में आ गया है।
पीड़िता पक्ष का कहना है कि देरी का मुख्य कारण परिस्थितिजन्य दबाव और कानूनी जटिलताएं रही हैं, जिसकी वजह से समय पर अपील दाखिल नहीं हो सकी। उनका तर्क है कि ऐसे मामलों में तकनीकी आधार पर न्याय की प्रक्रिया को प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सुनवाई आगे बढ़नी चाहिए।
वहीं, अदालत ने स्पष्ट किया कि अपील में देरी के प्रत्येक पहलू की जांच जरूरी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रक्रिया का दुरुपयोग तो नहीं हुआ है। मामले की अगली सुनवाई में देरी के कारणों पर विस्तृत जवाब और दस्तावेज पेश किए जाएंगे। यह पूरा मामला अब फिर से न्यायिक जांच के दायरे में आ गया है और सभी पक्षों की निगाहें अदालत के अगले रुख पर टिकी हैं।



