
शनिश्चरी अमावस्या हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है क्योंकि यह दिन शनि देव और पितरों की कृपा प्राप्त करने के लिए विशेष फलदायी होता है। वर्ष 2026 में पहली शनिश्चरी अमावस्या वैशाख मास की अमावस्या तिथि के शनिवार को पड़ने की संभावना है, हालांकि इसकी सटीक तिथि और समय स्थानीय हिंदू पंचांग के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं, इसलिए पुष्टि के लिए अपने क्षेत्र के पंचांग का अवश्य उपयोग करें।
इस दिन श्रद्धालु शनि देव की पूजा, तिल-तेल अर्पण और पीपल वृक्ष की पूजा करते हैं। माना जाता है कि शनिश्चरी अमावस्या पर किए गए दान-पुण्य और धार्मिक कार्य विशेष फल देते हैं और जीवन की बाधाओं को कम करने में मदद करते हैं। खासकर शनि दोष और पितृ दोष से प्रभावित लोग इस दिन विशेष उपाय करते हैं।
शास्त्रों के अनुसार इस दिन काले तिल, सरसों का तेल, काले वस्त्र और लोहे का दान करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा पितरों की शांति के लिए तर्पण और श्राद्ध कर्म भी किए जाते हैं, जिससे पारिवारिक जीवन में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
अगर आप पितृ दोष से मुक्ति चाहते हैं तो इस दिन सुबह स्नान करके शनि मंदिर में दीपक जलाएं और “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का जाप करें। साथ ही जरूरतमंदों को भोजन और वस्त्र दान करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है।



