


मीडिया रिपोर्ट्स और कुछ दस्तावेजों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि भारत और रूस के बीच एक बड़े संयुक्त सैन्य अभ्यास की तैयारी की जा रही है, जिसमें फाइटर जेट, युद्धपोत और हजारों सैनिकों की भागीदारी हो सकती है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
इस तरह के संयुक्त अभ्यास दोनों देशों के बीच पहले भी होते रहे हैं, जिनका उद्देश्य सैन्य सहयोग, रणनीतिक समन्वय और रक्षा क्षमताओं को मजबूत करना होता है। INDRA military exercise इसी तरह का एक प्रमुख अभ्यास माना जाता है, जिसमें दोनों देशों की सेनाएं समय-समय पर हिस्सा लेती रही हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे अभ्यासों का मकसद क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना और आधुनिक युद्ध रणनीतियों का आदान-प्रदान करना होता है। फिलहाल, इस कथित बड़े पैमाने की तैनाती को लेकर आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।