


नेपाल सरकार ने भारत से होने वाली खरीदारी को लेकर नए और सख्त नियम लागू कर दिए हैं, जिससे सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों के बीच असंतोष बढ़ गया है। खासतौर पर काठमांडू के मेयर बालेन शाह के फैसले के बाद यह मुद्दा और ज्यादा चर्चा में आ गया है। स्थानीय व्यापारियों और आम नागरिकों का कहना है कि इन नियमों से उनकी रोजमर्रा की जरूरतों और कारोबार पर सीधा असर पड़ेगा।
भारत-नेपाल सीमा पर रहने वाले लोगों के लिए दोनों देशों के बीच आवाजाही और खरीदारी लंबे समय से आसान रही है। ऐसे में अचानक लागू किए गए इन नियमों ने लोगों को असमंजस में डाल दिया है। कई जगहों पर विरोध और नाराजगी भी देखने को मिल रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले का असर न केवल स्थानीय व्यापार पर पड़ेगा, बल्कि भारत-नेपाल के पारंपरिक संबंधों पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच इस मुद्दे पर बातचीत और समाधान की उम्मीद जताई जा रही है।