धर्म-आस्था
केतु पर्वत का संकेत: हथेली में क्या बताता है इसका उभार
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April 30, 2026

हस्तरेखा शास्त्र में हथेली के विभिन्न हिस्सों को “पर्वत” कहा जाता है, जिनमें केतु पर्वत का विशेष महत्व माना जाता है। यह हथेली के निचले भाग में, कलाई और कनिष्ठा उंगली के पास स्थित होता है।
मान्यताओं के अनुसार, यदि यह पर्वत उभरा हुआ और स्पष्ट दिखाई दे तो व्यक्ति में गहरी सोच, आध्यात्मिक रुचि और मजबूत अंतर्ज्ञान की क्षमता मानी जाती है। ऐसे लोग परिस्थितियों को जल्दी समझने और सही निर्णय लेने में सक्षम हो सकते हैं।
हस्तरेखा शास्त्र में इसे व्यक्ति के व्यक्तित्व और संभावनाओं का संकेत माना जाता है, न कि निश्चित भविष्यवाणी का आधार।
“रंक को राजा बना सकता है” जैसी बात प्रतीकात्मक रूप से कही जाती है, जिसका अर्थ यह है कि सही दिशा, मेहनत और समझ के साथ व्यक्ति जीवन में बड़ी सफलता हासिल कर सकता है। असली परिणाम व्यक्ति के कर्म और प्रयासों पर निर्भर करते हैं।
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