
आरओ (RO) फिल्टर बदलवाते समय कई उपभोक्ताओं को यह शक रहता है कि कहीं टेक्नीशियन सिर्फ दिखावे के लिए काम तो नहीं कर रहा। अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि पैसे लेने के बावजूद फिल्टर सही तरीके से नहीं बदला जाता या पुराने पार्ट्स ही दोबारा लगा दिए जाते हैं। ऐसे में कुछ आसान तरीकों से आप इस तरह के फर्जीवाड़े को पकड़ सकते हैं।
सबसे पहले सर्विस के दौरान खुद मौजूद रहें और पुराने फिल्टर को अपने सामने हटवाएं। असली फिल्टर पर ब्रांड नाम, सीरियल नंबर और पैकिंग चेक करें। अगर संभव हो तो बदले गए पुराने फिल्टर को वापस अपने पास रखें, इससे बाद में किसी भी विवाद की स्थिति में सबूत रहेगा।
इसके अलावा सर्विस बिल और वॉरंटी डिटेल्स जरूर लें। भरोसेमंद कंपनियां आमतौर पर हर पार्ट का रिकॉर्ड देती हैं। अगर टेक्नीशियन बार-बार टालमटोल करे या पारदर्शिता न दिखाए, तो यह शक का संकेत हो सकता है। थोड़ी सतर्कता रखकर आप इस तरह के फर्जीवाड़े से आसानी से बच सकते हैं और अपने घर के पानी की शुद्धता भी सुनिश्चित कर सकते हैं।



