बाल झाड़ू जैसे हो गए? 6 संकेत जो बताते हैं ज्यादा ब्लीच कर रहे हैं आप

बालों को हल्का रंग देने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला ब्लीच अगर जरूरत से ज्यादा किया जाए, तो यह बालों की सेहत पर गंभीर असर डाल सकता है। कई बार लोग फैशन के चक्कर में बार-बार ब्लीच करवाते हैं, जिससे बाल कमजोर और बेजान हो जाते हैं।
अगर आपके बाल बहुत ज्यादा रूखे, टूटने वाले और झाड़ू जैसे दिखने लगे हैं, तो यह संकेत हो सकता है कि आपने हद से ज्यादा ब्लीच का इस्तेमाल किया है। इसके अलावा बालों का झड़ना बढ़ना, सिर की त्वचा में जलन, दोमुंहे बाल और प्राकृतिक चमक का खत्म होना भी नुकसान के संकेत हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि ब्लीचिंग के बीच पर्याप्त अंतर रखा जाए और डीप कंडीशनिंग व हेयर केयर रूटीन को नियमित अपनाया जाए ताकि बालों को दोबारा स्वस्थ बनाया जा सके।
अत्यधिक ब्लीचिंग से बालों की प्राकृतिक प्रोटीन संरचना कमजोर हो जाती है, जिससे वे आसानी से टूटने लगते हैं। कई मामलों में बालों की इलास्टिसिटी खत्म हो जाती है, यानी हल्का खिंचाव भी उन्हें नुकसान पहुंचा सकता है। यही वजह है कि ऐसे बाल स्टाइलिंग के दौरान भी जल्दी डैमेज हो जाते हैं।
हेयर एक्सपर्ट्स का कहना है कि बार-बार केमिकल ट्रीटमेंट करने से स्कैल्प का नैचुरल ऑयल बैलेंस बिगड़ जाता है, जिससे रूखापन और खुजली जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहे तो बालों की ग्रोथ भी प्रभावित हो सकती है।
इसलिए जरूरी है कि ब्लीचिंग के बाद बालों को रिकवरी टाइम दिया जाए और सल्फेट-फ्री शैम्पू, हेयर मास्क और तेल मालिश जैसे उपायों को रूटीन में शामिल किया जाए। साथ ही, जरूरत से ज्यादा केमिकल ट्रीटमेंट से बचना ही बालों की सेहत बनाए रखने का सबसे सुरक्षित तरीका माना जाता है।



