रोटी या चावल, पेट बढ़ाने का असली कारण क्या?

वजन बढ़ने की बात आते ही सबसे पहले सवाल उठता है कि आखिर मोटापा बढ़ाने में ज्यादा जिम्मेदार कौन है—गेहूं की रोटी या सफेद चावल? डाइटीशियन और पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, इसका सीधा जवाब देना आसान नहीं है क्योंकि वजन बढ़ने का संबंध केवल किसी एक खाद्य पदार्थ से नहीं, बल्कि कुल कैलोरी सेवन, शारीरिक गतिविधि और जीवनशैली से होता है।
पोषण विशेषज्ञ बताते हैं कि गेहूं की रोटी में फाइबर अपेक्षाकृत अधिक होता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस हो सकता है। वहीं सफेद चावल आसानी से पच जाता है और शरीर को जल्दी ऊर्जा प्रदान करता है। यदि दोनों का सेवन संतुलित मात्रा में किया जाए, तो इनमें से कोई भी अपने आप मोटापा बढ़ाने वाला खाद्य पदार्थ नहीं माना जाता।
विशेषज्ञों का कहना है कि समस्या तब शुरू होती है जब व्यक्ति जरूरत से अधिक कैलोरी लेने लगता है और शारीरिक गतिविधि कम होती है। चाहे वह रोटी हो, चावल हो, मिठाइयां हों या अन्य खाद्य पदार्थ—अत्यधिक मात्रा में सेवन करने पर वजन बढ़ सकता है। इसके अलावा पर्याप्त नींद न लेना, तनाव, लंबे समय तक बैठे रहना और प्रोसेस्ड फूड का अधिक सेवन भी पेट निकलने और मोटापे के प्रमुख कारणों में शामिल हैं।
डाइटीशियन सलाह देते हैं कि वजन नियंत्रित रखने के लिए भोजन में संतुलन बनाए रखें। प्लेट में पर्याप्त मात्रा में सब्जियां, प्रोटीन, सलाद और नियंत्रित मात्रा में कार्बोहाइड्रेट शामिल करें। रोटी और चावल दोनों को संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है। इसलिए मोटापे के लिए किसी एक खाद्य पदार्थ को जिम्मेदार ठहराने के बजाय पूरे खानपान और जीवनशैली पर ध्यान देना अधिक महत्वपूर्ण है।



