मां को बुखार हो तो क्या बच्चे को ब्रेस्टफीड कराना चाहिए? जानिए डॉक्टर की सलाह

नई मांओं के मन में अक्सर यह सवाल आता है कि यदि उन्हें बुखार हो जाए तो क्या बच्चे को ब्रेस्टफीड कराना सुरक्षित है। विशेषज्ञों के अनुसार, अधिकांश सामान्य वायरल संक्रमण, सर्दी-जुकाम या हल्के बुखार की स्थिति में ब्रेस्टफीडिंग जारी रखी जा सकती है। दरअसल, मां का दूध बच्चे को पोषण देने के साथ-साथ संक्रमण से लड़ने में मदद करने वाले एंटीबॉडी भी प्रदान करता है।
डॉक्टरों का कहना है कि बुखार होने पर स्तनपान बंद करने की जरूरत आमतौर पर नहीं होती। हालांकि मां को साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। बच्चे को दूध पिलाने से पहले हाथ अच्छी तरह धोना, खांसते या छींकते समय मुंह ढंकना और आवश्यकता पड़ने पर मास्क पहनना फायदेमंद हो सकता है।
यदि मां किसी संक्रमण के लिए दवा ले रही है, तो यह जानना जरूरी है कि वह दवा स्तनपान के दौरान सुरक्षित है या नहीं। अधिकांश सामान्य दवाएं सुरक्षित होती हैं, लेकिन बिना चिकित्सकीय सलाह के कोई भी दवा लेना उचित नहीं है।
इन परिस्थितियों में डॉक्टर से तुरंत सलाह लें:
- बहुत तेज या लगातार बुखार हो।
- गंभीर संक्रमण की आशंका हो।
- मां को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़े।
- बच्चा समय से पहले जन्मा हो या उसकी प्रतिरक्षा कमजोर हो।
- दवा के बारे में स्पष्ट जानकारी न हो।
विशेषज्ञों के अनुसार, स्तनपान केवल बच्चे के पोषण का साधन नहीं है, बल्कि उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए अधिकांश सामान्य बीमारियों में ब्रेस्टफीडिंग जारी रखना सुरक्षित माना जाता है, लेकिन किसी भी गंभीर स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में डॉक्टर की सलाह अवश्य लेनी चाहिए।



